फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ज्ञान की बात: अंग्रेजों के समय रेलवे में सबसे बड़े अधिकारी थे एजेंट्स, जानिए पूर्वोत्तर रेलवे का रोचक इतिहास

Fri, 18 Jun 2021 06:57 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

बंगाल एंड नार्थ ईस्टर्न रेलवे के पहले एजेंट्स का नाम था डब्ल्यू सी फर्निवाल।
विज्ञापन
पूर्वोत्तर रेलवे। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्वोत्तर रेलवे 1982 से लेकर 1942 तक बंगाल एंड नार्थ ईस्टर्न रेलवे था और महाप्रबंधक की जगह सबसे बड़ा अधिकारी एजेंट्स होते थे। रेलवे के दस्तावेजों के मुताबिक बंगाल एंड नार्थ ईस्टर्न रेलवे के पहले एजेंट्स का नाम था डब्ल्यू सी फर्निवाल। उनका कार्यकाल 1982 से 1983 तक यानी एक वर्ष था। 
विज्ञापन


इसके बाद 8 और एजेंट्स तैनात हुए। 1943 में यह रेलवे अउध एंड तिरहुत रेलवे के अधीन हो गया और जे रेकनी इजात को एजेंट्स बनाया गया। 

इस रेलवे में भी सात एजेंटों ने कमान संभाली। 1952 में जब फिर जोन का बंटवारा किया गया तो पूर्वोत्तर रेलवे अस्तित्व में आया। पहले महाप्रबंधक बनाये गए जी पांडेय और उनका कार्यकाल भी एक साल ही रहा। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें