जिला प्रशासन के मुताबिक शिविर में लिए जाने वाले सैंपलों में पॉजिटिव केसों का औसत शुरूआत में 35 से 40 फीसदी तक रहा। जो अब डेढ़ से दो फीसदी रह गया, जो प्रदेश के औसत से भी कम है।
चरगांवा और फोरेंसिक लैब में 24 घंटे जांच की सुविधा
चरगांवा और फोरेंसिक लैब में संचालित केंद्र में अब भी 24 घंटे कोरोना की जांच कराई जा सकेगी। इसके अलावा, जिनकी उम्र अधिक होगी, किसी बीमारी से पीड़ित होंगे या जिनमें लक्षण होगा, उनकी सैंपलिंग की जाएगी। इससे जांच किट का सदुपयोग हो सकेगा। जिला अस्पताल में आने वाले ऐसे मरीज जिन्हें बुखार होगा, उनकी कोरोना जांच कराई जाएगी। इसके अलावा अभियान चलाकर अलग-अलग दिन आटो चालकों व दुकानदारों की जांच होगी।
सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र में जांच शिविर बंद कर दिए गए हैं। इन शिविरों में पाजिटिव केस का औसत काफी कम हो गया था, जिसकी वजह से यह निर्णय लिया गया। शहर के दो स्थानों पर 24 घंटे जांच की सुविधा है। स्मार्ट सैंपलिंग पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचसी व पीएचसी पर जांच कराई जा सकती है।