गोरखपुर जिले के सहजनवां विधानसभा क्षेत्र में सपा की चुनौती बढ़ गई है। दरअसल, समाजवादी पार्टी से टिकट के दो दावेदारों मनोज यादव और संजय सिंह ने बगावत करके चुनाव लड़ने का फैसला किया है। सपा, यहां से पूर्व विधायक यशपाल रावत को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
जानकारी के मुताबिक, सहजनवां विधानसभा क्षेत्र से सपा के करीब आठ दावेदारों ने आवेदन किया था। इनमें मनोज और संजय के नाम भी शामिल थे। हालांकि, टिकट मिला यशपाल रावत को। मनोज, अपना दावा इसलिए मजबूत मान रहे थे कि उनके पिता जगदीश यादव सपा के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। 1974 से ही सपा से जुड़े जगदीश, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाते हैं।
प्रत्याशी घोषित होने के बाद, मनोज व उनके समर्थकों ने नाराजगी जताई। लखनऊ जाकर पार्टी नेताओं से बात भी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। इसी का नतीजा रहा कि मनोज ने बगावत कर दी। वह चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं। मनोज कहते हैं कि मुलायम सिंह यादव कहते थे कि अपने हक के लिए बगावत ठीक रहती है। लिहाजा, बगावत करना उचित समझा है। 2017 में भी टिकट काट दिया गया था।
इसी तरह टिकट के दावेदार संजय सिंह भी बगावती तेवर में हैं। खबर है कि संजय ने टिकट की चाहत में ही सपा के जिला कार्यालय में फर्नीचर तक की व्यवस्था कराई थी। लखनऊ तक दौड़भाग भी की, लेकिन टिकट नहीं मिल सका। अब संजय ने भी बगावती तेवर अख्तियार कर लिए हैं। उनका कहना है कि सहजनवां से ही विधानसभा का चुनाव लड़ना है। इसकी तैयारी चल रही है। जनता के बीच जा रहे हैं। क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं।
सपा जिलाध्यक्ष अवधेश यादव ने कहा कि मनोज और संजय दोनों पार्टी के कार्यकर्ता हैं। ये पार्टी का मामला है। हम संवाद कर दोनों को मना लेंगे।