मतगणना के बीच शाम चार बजे मेयर पद की सपा प्रत्याशी काजल निषाद प्रशासन पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गईं। उनका कहना था कि पहले बताया गया था कि करीब साढ़े तीन लाख मत पड़े हैं, फिर शनिवार को यह साढ़े चार लाख से ज्यादा कैसे हो गए।
उन्होंने कहा कि मैं कैसे मान लूं कि चुनाव हार गई, जनता का प्यार मिला है, मुझे जबरन हराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिर से मतगणना हो या चुनाव निरस्त किया जाए। इन सबके बीच, पुलिस ने शाम पांच के बाद काजल के समर्थकों को धकेल कर बाहर कर दिया। छह बजे थक हारकर काजल भी मतगणना स्थल से चली गईं। इस दौरान उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव से फोन पर बातचीत भी कीं।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में मतगणना शुरू होने के बाद से सपा प्रत्याशी काजल निषाद भाजपा के डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव से पीछे चल रही थीं। बाद में यह अंतर कम होने लगा, लेकिन बढ़त डॉ. मंगलेश ने ही बनाए रखी। इसी बीच, करीब चार बजे काजल निषाद ने हंगामा शुरू कर दिया। सपा समर्थक मतगणना में घपलेबाजी का आरोप लगाने लगे। जिले के अधिकारियों के साथ काजल निषाद और सपा के अन्य नेताओं की बहसबाजी हुई।
प्रशासनिक अफसरों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन समर्थक उग्र होने लगे। नाराज काजल निषाद धरने पर बैठ गईं। पुलिस ने काजल निषाद के समर्थकों को धकेल कर बाहर कर दिया। फिर भी काजल छह बजे तक धरने पर बैठी रहीं। अखिलेश यादव से बातचीत के बाद उनके आंसू भी छलके और फिर वह विश्वविद्यालय से बाहर चली गईं।
अखिलेश ने किया ट्वीट
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा कि गोरखपुर में डाले गए वोटों से ज्यादा वोट गिने जाने की धांधली की खबर पर चुनाव आयोग तत्काल संज्ञान ले। मतगणना की सत्यता को जांचे और गलत पाए जाने पर री-काउंटिंग करवाए।
... और रोने लगीं काजल निषाद
पूर्व सीएम और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से काजल निषाद ने धरने पर बैठने के दौरान ही मोबाइल फोन पर बातचीत की। अखिलेश ने काजल को ढांढस बंधाया तो उनके आंखों से आंसू छलक गए। वह भावुक होकर रोने लगीं और उनसे फिर से चुनाव कराने की बात कही।