दरअसल में निगम क्षेत्र में करीब 10.46 लाख वोटर हैं। इनमे एक बड़ी आबादी निषाद बिरादरी की भी है। मुस्लिम और यादव वोट पर पार्टी अपनी पकड़ मजबूत मानती है। पार्टी को उम्मीद है कि वह चिल्लूपार से 2022 के चुनाव में सपा प्रत्याशी रहे पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी और उनके परिवार के जरिए ब्राह्मणों का भी बड़ा वोट बैंक अपनी तरफ खींचने में कामयाब होगी। वहीं ओबीसी के कुछ अन्य जातियों और व्यापारी वोटरों का भी साथ मिलने का सपा को पूरा उम्मीद है। बाकी, गोरखपुर में पहली बार अनुसूचित जाति के नेता को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप, सपा पहले ही इस जाति वर्ग के वोटरों में भी सेंध लगाने की कोशिश शुरू कर चुकी है।
अब पार्टी का जातिगत गुणा भाग कितना फिट बैठता है ये आने वाला समय ही बताएगा। पिछले चुनाव में सपा ने राहुल गुप्ता को उम्मीदवार बनाया था। उन्हें 75 हजार वोटरों से शिकस्त मिली थी। सदर तहसील क्षेत्र के भौआपार निवासी 41 वर्षीय काजल, इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की है। अभिनय में उनकी खासी रुचि है, लिहाजा कम उम्र में ही वह फिल्म क्षेत्र में भाग्य आजमाने आ गईं।