सोमवती अमावस्या पर पूजा करती महिलाएं।
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गोरखपुर में सोमवती अमावस्या का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। सोमवार को महिलाओं ने पीपल वृक्ष की पूजा की। इसमें उन्होंने संतान एवं पति के दीर्घायु होने की कामना की।
सुबह में महिलाएं पूजा सामग्री के साथ घर के नजदीक के पीपल वृक्ष के पास पहुंचीं। इसके बाद वृक्ष की पूजा कर 108 बार परिक्रमा कीं। कच्चा सूत वृक्ष में लपेटा। इस दौरान महिलाओं ने परिवार के सुखमय जीवन की कामना की।
बेतियाहाता, दाऊदपुर, राजघाट, असुरन चौक, गोरखनाथ आदि स्थानों पर पूजन करने वालों की भीड़ दिखी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सोमवती अमावस्या पर राप्ती नदी में आस्था की डुबकी लगाई। साथ ही दान-पुण्य भी किया।
पंडित राकेश पांडेय ने बताया कि सोमवार को होने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। सोमवती अमावस्या के दिन किया गया स्नान, ध्यान, जप और दान करना अनंत फलदायी होता है।
बताया कि पीपल के वृक्ष के मूल में ब्रह्मा, त्वचा विष्णु, शाखा में शिव तथा सभी पत्तों में देवताओं का वास होता है। इसलिए पीपल वृक्ष की पूजा करने से सभी दुखों का नाश होता है तथा सभी ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।