गोरखपुर नगर निकाय चुनाव में निर्दल प्रत्याशियों को प्रतीक चिन्ह के लिए निर्वाचन आयोग ने पर्याप्त विकल्प दिए हैं। निगम के मेयर और नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी 39 तो पार्षद व सदस्य पद के उम्मीदवारों को 42 प्रतीक चिह्नों का विकल्प मिलेगा। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को तो दल के चुनाव चिह्न ही मिलेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नगर निकाय चुनाव में तीन प्रकार के प्रतीक चिह्नों की व्यवस्था की गई है। 16 राजनीतिक दल मान्यता प्राप्त हैं। इन्हें आयोग की ओर से आवंटित चुनाव निशान दिए जाएंगे। जो राजनीतिक दल अमान्य यानी बिना मान्यता प्राप्त हैं, उनके महापौर, अध्यक्ष, पार्षद या सदस्य पद के प्रत्याशियों के लिए 197 प्रतीक चिह्न निर्धारित किए गए हैं।
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महापौर व अध्यक्ष के निर्दल प्रत्याशी के लिए प्रतीक चिन्ह
शटल, अनार, अलाव और आदमी, पानी का नल, ऊन का गोला, कंघा, टेबल लैंप, गुल्ली डंडा, छत का पंखा, फरसा, केला का पेड़, चिड़िया का घोसला, गदा, जीप, पहिया, टेबल फैन, फूल और घास, फसल काटता किसान, दमकल, भगौना, पानी की बोतल, स्कूल बैग, हल, रेल का इंजन, कुर्सी सहित डाइनिंग टेबल, लड़का लड़की, हथौड़ा, सितारा, शहनाई, स्कूटर, सरौता, सुराही, सैनिक, शंख, रिक्शा, तलवार, लट्टू, वायुयान, वृक्ष।
पार्षद व सदस्य के निर्दल प्रत्याशी के लिए प्रतीक चिह्न
अनाज ओसाता हुआ किसान, ओखली, आम, इमली, उगता सूरज, खजूर का पेड़, खड़ाऊं, कलम और दवात, गमला, कार, गाजर, किताब, गुलाब का फूल, कुल्हाड़ी, घंटी, केला, चश्मा, तरकस, छाता, तराजू, झोपड़ी, ताला-चाबी, तोप, त्रिशूल, मुकुट, ड्रम, डमरू, धान का पौधा, ढोलक, नाव, पत्तियां, पेपर वेट, बिजली का बल्ब, पुल, पेंसिल, कुर्सी, फावड़ा, बैलगाड़ी, पेंचकस, भुट्टा, बंदूक, मोटर साइकिल।