फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खास खबर: यहां कूड़ा निस्तारण के साथ बनेगी खाद और बिजली, जानिए कैसे

Sat, 27 Feb 2021 09:28 AM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
विज्ञापन
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट। (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन
गोरखपुर जिले के सहजनवां के सुथनी गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की तैयारी है। प्लांट में कूड़े के निस्तारण के साथ ही खाद और बिजली भी बनाई जाएगी। निगम ने प्लांट बनाने की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एवं डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को दी है। प्लांट के मद में 12 करोड़ रुपये पहले ही जारी हो चुके हैं।
विज्ञापन

 
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए नगर निगम सुथनी गांव में करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से 20 एकड़ जमीन खरीद रहा है। कई किसानों ने नगर निगम के नाम जमीन बैनामा कर दिया है। जल्द ही जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद नगर निगम के प्रोजेक्ट के अनुसार सीएंडडीएस सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने का काम शुरू करेगा।

93 लाख प्रति हेक्टेयर की दर से हो रही जमीन की खरीद
सुथनी गांव सहजनवां कस्बे से करीब नौ किलोमीटर दूर मगहर के पास है। आबादी से काफी दूर होने की वजह से इसे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए मुफीद मानते हुए, नगर निगम ने किसानों से जमीन की खरीद शुरू की है। प्रति हेक्टेयर 93 लाख रुपये की दर से 53 किसानों से जमीन खरीदी जा रही है। इस पर कुल आठ करोड़ रुपये लागत आने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वार्ड स्तर पर ही अलग किया जाएगा सूखा और गीला कूड़ा

शहर से रोजाना तकरीबन 600 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसमें सूखा और गीला कूड़ा मिला होता है। नगर निगम की योजना के अनुसार वार्ड स्तर पर ही ठोस और गीले कूड़े को अलग-अलग किया जाएगा। इसके बाद इसे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक ले जाया जाएगा। जहां सूखे कूड़े से बिजली और गीले कूड़े से खाद बनाई जाएगी। बचे अपशिष्ट को लैंडफिल में रखा जाएगा। नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि जमीन के जलस्तर से दो मीटर ऊपर तक खुदाई की जाएगी। इसमें लैंडफिल बनाया जाएगा।

नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि सहजनवां के सुथनी गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यहां लैंडफिल साइट के अलावा वेस्ट टू एनर्जी (कूड़े से बिजली) बनाने का प्लांट लगाया जाएगा। साथ ही गीले कूड़े से खाद बनाने की मशीन लगाई जाएगी। वार्ड स्तर पर ही सूखे और गीले कूड़े को अलग-अलग कर लिया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें