लघु उद्योग भारती की प्रदेश स्तर की एक बैठक ऑनलाइन वेबिनार के माध्यम से 'धातु उद्योग में अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि' विषय पर हुई। जिसमें लघु उद्योग भारती के प्रदेश भर से धातु उद्योग से जुड़े सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की।
गोरखपुर इकाई के अध्यक्ष दीपक कारीवाल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते इकाईयों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कई इकाइयों में ताला लगने जैसी नौबत आ गई है। लोहा, स्टील, एल्युमिनियम, पिग आयरन सहित धातुओं में 30 फीसदी तक की वृद्धि हुई है।
दीपक कारीवाल ने बताया कि धातुओं के दाम बढ़ने से उससे निर्मित उत्पादों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। जैसे कि स्टेनलेस स्टील, माइल्ड स्टील, पिग आयरन, सरिया, एंगल, चैनल, पीतल, तांबा, ब्रास की कीमत 30 फीसदी तक बढ़ गई है। दीपक कारीवाल के अनुसार यदि यही स्थिति रही तो कई एमएसएमई उद्योगों में ताला लग जाएगा। अतः केंद्र सरकार से धातु के कच्चे माल के निर्यात पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की।
काशी प्रांत अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कच्चे माल में इस समय स्पंज आयरन, माइल्ड स्टील व कच्चा लोहा की किल्लत सर्वाधिक है। लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष दीना नाथ बरनवाल ने बताया कि दो माह में कच्ची धातु का मूल्य 10 से 30 फीसदी तक बढ़ गया है। उत्पाद तैयार करने के बाद औसत 15 फीसदी का मार्जिन होता है लेकिन कच्चे माल का दाम 30 फीसदी बढ़ गया है।