जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी के अनुसार ओपीडी में ऐसे कई मरीज आते हैं जो झाइयां, मुहासे, धूप से होने वाली टैनिंग आदि हटाने के लिए अपने मन से त्वचा पर कई तरह की क्रीम, लोशन और उबटन आदि प्रयोग करने लगते हैं। कई बताते हैं कि उन्होंने वीडियो आदि से सीखा था, लेकिन इससे बचना बेहद जरूरी है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को इसके लिए बताया जाता है कि त्वचा संबंधी कोई दिक्कत होने पर देखी सुनी या अपने मन से कोई उत्पाद उपयोग न करें।
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केस नंबर- 1
एक युवती ने यूट्यूब पर फेसपैक बनाने का वीडियो देखकर उसे घर पर बनाकर अपने चेहरे पर लगा लिया। लेकिन उसे लगाते ही युवती के चेहरे पर लाल दाने उभरने लगे। डॉक्टर को दिखाने के बाद पता लगा कि फेसपैक में इस्तेमाल की गई फेस ब्लीच बहुत अधिक मात्रा में डाले जाने से चेहरे को नुकसान पहुंचा है। युवती को इलाज कराना पड़ा।
एक महिला ने रंग गोरा करने का नुस्खा यूट्यूब पर देखा और उसे घर में तैयार कर कई दिनों तक उपयोग किया। कुछ दिनों में ही (उसके चेहरे, हाथ और गर्दन में काले चक्कते पड़ गए। त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाने पर पता चला कि तैयार किए गए पैक को वीडियो में 15 दिन तक परखने के लिए कहा गया था, लेकिन वह एक ही दिन में खराब हो गया।
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केस नंबर-3
एक युवती ने चेहरे से बाल कम करने के लिए वीडियो के कई साइट्स देखकर उबटन बनाई। जिसमें बेसन, दूध या आटे की जगह चावल, ब्लीचिंग पाउडर, एलोवेरा और क्रीम आदि का इस्तेमाल किया गया था। युवती ने इसे इस्तेमाल किया तो उसके चेहरे पर लालिमा हो गई। उसके बाद उसे डॉक्टर के पास जाना पड़ा।
ये समझना भी जरूरी
- हर उत्पाद या हर सौंदर्य सामग्री सभी की त्वचा के लिए नहीं होती।
- रील या वीडियो बनाने वाली बताई गई चीजों के जानकर नहीं होते।
- यूट्यूब में देखे गए हर नुस्खे को न अपनाएं। ये अक्सर हानिकारक होते हैं।