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गोरखपुर: आठ साल में नहीं बन पाया छह किमी लंबा नाला, 16 से 32 करोड़ हुई लागत

Mon, 11 Apr 2022 12:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस ने कहा -31 मई तक पूरा होगा नाले का निर्माण, सिंघड़िया क्षेत्र में जलभराव को दूर करने के लिए हो रहा है नाले का निर्माण।
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नाला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले के सिंघड़िया से तुर्रा नाला तक बन रहा करीब छह किलोमीटर लंबा नाला आठ साल में भी पूरा नहीं हो पाया। इस बीच इसकी लागत 16 करोड़ रुपये से बढ़कर 32 करोड़ रुपये हो गई है। नाला नहीं बनने से बरसात में सिंघड़िया समेत आसपास के कई मोहल्ले पानी में डूब जाते हैं।

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इधर, नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) के अधिकारियों को 16 मई तक नाले का निर्माण हर हाल में पूरा करने की चेतावनी दी है। वहीं, सीएंडडीएस के अधिकारियों का कहना है कि 31 मई तक नाले का निर्माण पूरा हो जाएगा।
 
जानकारी के अनुसार, त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत तुर्रा नाले का निर्माण साल 2013 में स्वीकृत किया गया था, लेकिन इसका निर्माण कार्य आज भी चल रहा है। समय से नाला नहीं बनने से जहां इसे बनाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है और लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है, वहीं इसकी लागत भी 16 करोड़ से बढ़कर करीब 32 करोड़ रुपये हो चुकी है।
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इसी के साथ लोगों की समस्याएं कई गुना बढ़ गई हैं। पिछले साल बरसात के मौसम में सिंघड़िया, वसुंधरानगर, प्रज्ञापुरम, कबीरनगर आदि इलाकों में काफी जलभराव हुआ था। लोगों के घर पानी से घिर गए थे। सड़कों और गलियों में पानी भर गया था। लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया था। पानी भरी सड़कों से गुजरना लोगों की मजबूरी हो गई थी। कई लोगों ने तो घर तक छोड़ दिया था। अब एक बार फिर नगर निगम और सीएंडडीएस के अधिकारी नाला निर्माण में जुट गए हैं। इनका दावा है कि बस बार बरसात के मौसम से पहले नाले का निर्माण पूरा हो जाएगा। यदि यह नाला बन जाता है तो बड़ी आबादी को बरसात में जलभराव से राहत मिलेगी।

 

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कई जगहों पर नाले का निर्माण अधूरा
करीब छह किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण कई टुकड़ों में किया जा रहा है। इससे कई मोहल्लों की जलनिकासी प्रभावित हुई है। अब भी रानीडीहा में करीब सात मीटर की लंबाई में नाले का निर्माण नहीं किया गया है। वहीं, कबाड़खाने के आगे की मलीन बस्ती के पास करीब 67 मीटर नाला बनना अभी शेष है। नाले से पानी को निकालने के लिए संपवेल का निर्माण भी अधूरा है।  
 
सीएंडडीएस स्थानीक अभियंता ओपी यादव ने कि जिला प्रशासन की मदद से मलीन बस्ती के पास नाले का निर्माण किया जा रहा है। करीब 25 मीटर की लंबाई में नाले की खुदाई शुरू कर दी गई है। संपवेल का निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा।

 
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