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मेडिकल कॉलेज : बंद किए गए छत के दरवाजे... तीमारदारों काे जारी होगा पहचान पत्र

Mon, 13 Oct 2025 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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- देवरिया में हुई वारदात के बाद बदली सुरक्षा व्यवस्था, जारी रहेगा निगरानी
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- टंकी की सफाई के बाद छत पर जाने से पूरी तरह से रहेगी रोक, बनाए गए नोडल अफसर
सिद्धार्थनगर। देवरिया में पानी की टंकी में शव मिलने की वारदात के बाद सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में हलचल बढ़ गई है। वारदात के बाद माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में भी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मरीज व तीमारदार इधर-ऊधर नहीं भटक पाएंगे, वहीं भर्ती मरीज के तीमारदार का पहचान पत्र भी बनाया जाएगा, जिससे विभागीय लोगों को उनके बारे में जानकारी हो सके।
मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ओपीडी के अलावा भर्ती होने वाले मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को मिलाकर भीड़ बढ़ जाती है। आम दिनों में 1300-1500 के बीच मरीज ओपीडी में देखे जाते हैं। सोमवार को 1637 मरीज देखे गए। वहीं इस समय 200 मरीजों को भर्ती किया गया है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखना बड़ी चुनौती है। देवरिया मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में एक मरीज का शव मिलने के बाद शासन ने सभी मेडिकल कॉलेज को अलर्ट जारी किया है। इस कड़ी में अब माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में टंकी की सफाई कराने के साथ मरीजों के तीमारदारों की निगरानी भी शुरू कर दी है।
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डॉ. प्रशांत बने नोडल
शासन के निर्देश के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आ गया है। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रशांत नोडल भी बनाया गया है जबकि मेडिकल कॉलेज चिकित्सा परिसर के तीनों भवनों की सफाई व अन्य गतिविधियों पर निगरानी रख रहे हैं। वहीं भर्ती मरीजों के साथ रहने वाले तीमारदारों की मार्च तक जो निगरानी की जा रही थी। बीच में इसमें थोड़ा ढील दे दी गई, लेकिन देवरिया की वारदात के बाद अब व्यवस्था को दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके तहत सभी तीमारदारों के कार्ड बनाए जाएंगे, जिससे उनके कैंपस में इधर-उधर जाने के बाद भी विभागीय जिम्मेदार उन्हें पहचान सकें। इसके साथ ही बाहरी की एंट्री रोकने के लिए भी सुरक्षा के इंतजाम सख्त कर दिए गए हैं।
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प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन ने बताया कि सभी छतों की निगरानी करने के बाद लॉक करवाया जा रहा है। निगरानी के लिए नोडल भी बनाए गए हैं। मरीजों के तीमारदारों का पहचान पत्र जारी किया जाएगा, जिससे कैंपस में कहीं भी रहने पर उनकी पहचान की जा सके।
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