गोरखपुर जिले में निगेटिव ग्रुप के खून की कमी के संबंध में कमिश्नर रवि कुमार एनजी संजीदा हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को प्राथमिकता के आधार पर निगेटिव खून की मात्रा बढ़ाने का निर्देश दिया है। कमिश्नर ने अभियान चलाकर लोगों को खून, खासकर निगेटिव ग्रुप का खून दान करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। कहा कि वे इसकी नियमित समीक्षा करेंगे। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। किसी भी मरीज के इलाज में खून की कमी आड़े नहीं आनी चाहिए।
जिले में पॉजिटिव ग्रुप की तुलना में निगेटिव ग्रुपों के खून की काफी कमी है। इसे लेकर कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा की। पता चला कि 12 जून तक जिले के आठ ब्लड बैंकों में पॉजिटिव ग्रुप के 108 यूनिट होल ब्लड उपलब्ध है जबकि सिर्फ 20 यूनिट निगेटिव ब्लड की उपलब्धता है। ऐसे में कमिश्नर ने अभियान चलाकर लोगों को ब्लड डोनेशन के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने ओ, ए, बी व एबी निगेटिव ब्लड ग्रुप के लोगों को विशेष रूप से प्रेरित करने का निर्देश दिया।
आठ ग्रुप के होते हैं खून
इंसानों में खून के आठ ग्रुप होते हैं। इनमें चार पॉजिटिव एवं चार निगेटिव श्रेणी के शामिल हैं। ये ओ पॉजिटिव, ओ निगेटिव, ए पॉजिटिव, ए निगेटिव, बी पॉजिटिव, बी निगेटिव, एबी पॉजिटिव व एबी निगेटिव ग्रुप के होते हैं।
ये हैं आठ ब्लड बैंक
गुरु श्री गोरखनाथ ब्लड बैंक एवं कंपोनेंट सेंटर, सिटी ब्लड बैंक एवं कंपोनेंट सेंटर जुबिली रोड, फातिमा ब्लड बैंक, फातिमा अस्पताल पादरी बाजार, सावित्री ब्लड बैंक एवं कंपोनेंट सेंटर दिलेजाकपुर, लाइफ लाइन चैरिटेबल ब्लड बैंक एवं कंपोनेंट सेंटर दाउदपुर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ब्लड बैंक, नेहरू हॉस्पिटल ब्लड बैंक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज व एयरफोर्स हॉस्पिटल ब्लड बैंक गोरखपुर,
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि पॉजिटिव ग्रुपों के ब्लड बैंक की तुलना में निगेटिव ग्रुपों के खून बहुत कम हैं। स्वास्थ्य विभाग को अभियान चलाकर रक्तदान करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने को कहा गया है। निगेटिव ब्लड ग्रुप वाले लोगों को विशेष रूप से प्रेरित किया जाएगा। रक्तदान, महादान है। इससे हम कई लोगों की जिंदगी बचाने में मददगार होते हैं। ऐसे में सभी से अपील है कि वे रक्तदान के लिए आगे आएं।