बताया जा रहा है कि फैक्टरी में बने कमला पसंद ब्रांड के नकली गुटखे की सप्लाई गगहा, गजपुर, कौड़ीराम, हाटा, बड़हलगंज इलाके में की जाती है। क्षेत्र के कुछ दुकानदारों की मानें तो संबंधित संचालक से गुटका खरीदने पर उन्हें तीन गुना मुनाफा मिलता है। असली के मुकाबले सस्ता देने की वजह से दुकानदार भी यह माल खूब खपाते हैं। हालांकि, अब फैक्टरी पकड़े जाने के बाद दुकानदारों का कहना है कि उन्हें नहीं पता था की गुटखा नकली है।
ऐसे पहचानें नकली गुटखा
- रैपर का रंग हल्का होता है।
- गुटखा खाने पर स्वाद अलग होगा और मुंह में किरकिराहट होती है।
- पैकिंग का कागज हल्का होता है।
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एक्सपर्ट कमेंट
वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक तिवारी ने कहा कि वैसे तो कोई भी गुटखा नुकसानदायक होता है, लेकिन नकली ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। क्योंकि, कंपनी के गुटखे में सुंगध, रंग के लिए जिस केमिकल का इस्तेमाल होता है, वह खाने वाला होता है। इसमें सुपारी में मौजूद टॉक्सिन कैंसर का कारक होता है। वहीं, नकली गुटखे में सुपारी, केमिकल सब घटिया क्वालिटी के होते है, जो हर तरह से नुकसादायक हैं।