गोरखपुर में हटाया जा रहा है अतिक्रमण।
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गोरखपुर जिले के प्रशासन और नगर निगम के अतिक्रमण हटाने के दौरान मंगलवार को काफी हंगामा मचा। नार्मल रोड पर कपड़े की दुकान के कर्मचारी एसडीएम से भिड़ गए। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए चौकी पर बैठा लिया। हालांकि देर शाम चेतावनी देकर उन्हें छोड़ा गया। वहीं, टीम को देख बेतियाहाता से लेकर नांगलिया अस्पताल मोड़ तक कई दुकानदारों ने खुद ही अतिक्रमण हटा लिया।
एसडीएम विनय कुमार पांडेय के नेतृत्व में मंगलवार को बेतियाहाता चौराहे से लेकर ट्रांसपोर्टनगर तक अभियान चलाया जाना था। इसे देखते हुए बेतियाहाता के पास फल वालों ने पहले ही अतिक्रमण हटा लिया। टीम ने चेतावनी दी कि दोबारा अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। इसके बाद टीम ने नाले के ऊपर गाड़ी धोने वालों पर सख्ती की। टीम देखकर इन्होंने काम रोक दिया, लेकिन शाम चार बजे के बाद सामान्य तरीके से गाड़ी धोने का काम होने लगा।
टीम अलहदादपुर तिराहे से जैसे ही कपड़े की बड़ी दुकान पर अतिक्रमण हटाने पहुंची उसे विरोध का सामना करना पड़ा। दुकान के कर्मचारी एसडीएम से ही भिड़ गए। दरअसल दुकानदार ने सड़क पर ही जनरेटर रखने के अलावा काफी आगे तक अतिक्रमण किया था। इस दौरान जब टीम ने अतिक्रमण हटाना शुरू किया तो दुकान के कर्मचारियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
कुछ ने आपत्तिजनक शब्दों का भी प्रयोग किया। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए एक कर्मचारी को कब्जे में लेकर साथ ले गई। इसके बाद समझौते को लेकर दबाव बनने लगा। देरशाम चेतावनी देकर कर्मचारी को छोड़ दिया गया। अतिक्रमण अभियान में 12,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
अभियान में प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल सीपी सिंह, सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह, भगत चौराहा चौकी इंचार्ज विशाल कुमार शुक्ला, टीआई मनोज कुमार राय, कर अधीक्षक विपुल विक्रम राय, आरआई राम सुचित, आरआई अमर श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।