रामगढ़ताल थाना क्षेत्र की एक महिला से शादीशुदा शमशाद ने राकेश बनकर दोस्ती। शादी का झांसा देकर उसने महिला का यौन शोषण किया। इसके बाद एक मंदिर में शादी भी कर ली। जब महिला घर जाने का दबाव बनाने लगी, तब उसने अपना असली नाम बताया।
केस के डर से आरोपी महिला को बिहार स्थित घर लेकर गया, लेकिन घरवालों ने मारपीट कर निकाल दिया। रामगढ़ताल थाने में महिला की तहरीर पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण और मारपीट करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
महिला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका पति उसे पहले ही छोड़ चुका है और वह दो बच्चों के साथ रह रही थी। इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिये युवक से बातचीत शुरू हुई। युवक ने खुद को राकेश निषाद बताया और शादी का वादा कर विश्वास जीत लिया।
महिला का कहना है कि आरोपी ने बच्चों को भी अपनाने का आश्वासन दिया था। इस दौरान उसने शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया। वह कहता था कि महारानी बनाकर रखूंगा। पीड़िता के अनुसार आरोपी एक साल तक शादी टालता रहा और इस दौरान बार-बार पैसे भी लेता रहा।
कभी 50 हजार, तो कभी 70 हजार रुपये विभिन्न बहानों से लिए। महिला ने भैंस और घोड़ा बेचकर उसे रकम दी। आखिरकार आरोपी ने मंदिर में शादी का नाटक रचा और महिला के साथ रहने लगा। महिला का आरोप है कि आरोपी कुछ समय बाद सऊदी अरब कमाने गया और लौटने के बाद भी उसे अपने घर नहीं ले गया।
जब उसने दबाव बनाया तो आरोपी ने मारपीट कर दी और असली नाम शमशाद आलम बताकर कहा कि वह पहले से शादीशुदा है और चार बच्चों का पिता है। इसके बाद आरोपी महिला को बिहार स्थित अपने घर ले गया, जहां उसकी पत्नी और परिवार ने महिला को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
महिला का दावा है कि उसके गर्भ में शमशाद के तीन माह का बच्चा पल रहा है, फिर भी ससुराल वालों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि महिला की तहरीर पर बिहार राज्य के तेलपुर, लौरिया बेतिया के राकेश उर्फ शमशाद आलम, उसके पिता सुल्तान मियां, शमशाद की मां और पत्नी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।