गोरखपुर जिले में डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) की टीम ने सहजनवां इलाके से सोमवार को विदेशी सिगरेट की तस्करी के आरोप में रामपुर के मोहम्मद इरफान और मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार कर लिया। सिगरेट ट्रक में लादकर नई दिल्ली ले जाया जा रही थी। कस्टम एक्ट के तहत सात लाख पीस सिगरेट जब्त की गई है। सिगरेट की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, म्यांमार के रास्ते सिगरेट भारत लाई गई, फिर कोहिमा नागालैंड से ट्रक में लादकर नई दिल्ली भेजी जा रही थी। डीआरआई से बचने के लिए तस्करों ने ट्रक के ऊपरी हिस्से में पुराने टायर लादे और उसके नीचे सिगरेट की खेप रख दी, लेकिन चालाकी काम नहीं आई।
डीआरआई के अपर सहायक निदेशक हरीराम राय, इंटेलीजेंस ऑफिसर बीडी मिश्रा और हेड हवलदार सीपी तिवारी को सिगरेट तस्करी की सूचना मिल गई। इसी आधार पर टीम ने सहजनवां में डेरा डाल दिया। तय सूचना के मुताबिक उत्तराखंड नंबर की ट्रक रोकी गई। पुलिस की मदद से छानबीन की गई तो ट्रक से बड़े पैमाने पर तस्करी की सिगरेट बरामद हुई।
मामले में डीआरआई गोरखपुर ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार ट्रक चालक मोहम्मद इरफान और मोहम्मद जावेद को जल्द ही वाराणसी स्थित डीआरआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक ट्रक रामपुर के रिजवान की बताई जा रही है। रेवन्यू इंटेलीजेंस की टीम जांच-पड़ताल कर रही है। गिरफ्तार ट्रक चालकों से पूछताछ जारी है। सिगरेट तस्करी की अंतिम कड़ी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में जल्द ही और गिरफ्तारी संभव है।
दिल्ली, हरियाणा व पंजाब के पब-रेस्टोरेंट संचालकों पर भी कसेगा शिकंजा
सहजनवां से जब्त सिगरेट की मांग दिल्ली के साथ ही हरियाणा-पंजाब में ज्यादा है। पब व रेस्टोरेंट में सिगरेट का इस्तेमाल बहुत होता है। प्रति पीस सिगरेट काफी महंगी आती है। अब डीआरआई की टीम उन पब व रेस्टोरेंट संचालकों का ब्योरा जुटा रही है, जो तस्करी की सिगरेट मंगाते हैं। संचालकों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। पूरे मामले की जानकारी डीआरआई मुख्यालय को भेजी जा चुकी है।