सचिव रसायन एवं उर्वरक भारत सरकार राजेश कुमार चतुर्वेदी के नेतृत्व में आई एक उच्च स्तरीय टीम ने गुरुवार को हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) द्वारा बनाए जा रहे खाद कारखाने का निरीक्षण किया। टीम ने कारखाने की प्रगति जांचने के साथ ही यह भी देखा कि कौन-कौन से काम अभी नहीं हो पाए हैं और उनमें कितना वक्त लग सकता है।
निरीक्षण के बाद सचिव एवं टीम के सदस्यों ने समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य अमोनिया और यूरिया संयंत्र की प्रगति पर संतोष, तो बाहरी प्लांट की प्रगति धीमी होने पर एतराज भी जताया। समीक्षा में पाया गया कि बीजीआर-चेन्नई द्वारा तैयार किए जा रहे डीएम प्लांट, एसटीपी और ईटीपी की प्रगति धीमी है। सचिव ने इसमें तेजी लाने के निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2021 तक खाद कारखाने के संचालन की तैयारी है, ऐसे में संबंधित कामों की रफ्तार बढ़ानी होगी। उन्होंने एचयूआरएल की पूरी टीम, पीडीआईएल अधिकारियों एवं ठेकेदारों को तय समय पर काम पूरा करने के लिए विभिन्न विकल्प भी सुझाए। पूरी टीम को ‘हम कर सकते हैं’ का मंत्र देकर प्रेरित भी किया।
सचिव राजेश कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि खाद कारखाने की इस परियोजना को पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में आर्थिक विकास और समृद्धि लाने के लिए एक प्रतिष्ठित परियोजना के रूप में माना जाता है। गोरखपुर उर्वरक संयंत्र के पुनरुद्धार से पूर्वी यूपी के लोगों के लिए अवसरों और विकास के नए रास्ते खुलेंगे। इसलिए केंद्र सरकार भी इसे जल्द पूरा करने पर जोर दे रही है। इस दौरान कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को जिला प्रशासन की तरफ से हर तरह के मदद का आश्वासन दिया।
सचिव ने गुरु गोरक्षनाथ का किया दर्शन
खाद कारखाने के निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के बाद शाम को रसायन एवं उर्वरक भारत सरकार के सचिव राजेश कुमार चतुर्वेदी ने गोरखनाथ मंदिर जाकर गुरु गोरक्षनाथ के दर्शन-पूजन भी किया। इस दौरान एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित समेत कुछ अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।