जिला प्रशासन ने बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे किरन आई अस्पताल, न्यू अमन अस्पताल और संगम अस्पताल को सील कर दिया। इसके अलावा बिना डॉक्टर के चल रहे अस्पताल के अलावा काफी ज्यादा गंदगी मिलने पर अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है।
डीएम कृष्णा करुणेश के निर्देश जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 28 नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सुविधाएं की स्थिति की जांच कराई।
इसमें अपर जिला अधिकारी प्रशासन ने किरन आई अस्पताल, उप जिलाधिकारी सहजनवां, न्यू अमन अस्पताल एवं उप जिलाधिकारी चौरीचौरा ने संगम अस्पताल का रजिस्ट्रेशन न होने पर सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश अस्पतालों में अभिलेखों का रखरखाव सही नहीं पाया गया और सफाई व्यवस्था भी अच्छी नहीं थी।
गोला के उप जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान सपना अस्पताल बड़हलगंज में डॉक्टर नहीं मिलने पर नोटिस जारी किया गया। डीएम ने कहा कि जनपद के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने के लिए जांच अभियान नियमित चलता रहेगा और कमियां मिलने पर संबंधित केंद्रों पर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
संयुक्त जांच में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, मुख्य राजस्व अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, खजनी, बांसगांव, चौरीचौरा, सहजनवां, कैंपियरगंज एवं उप जिलाधिकारी गोला के अलावा, नगर मजिस्ट्रेट, नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय एवं स्वास्थ्य विभाग से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं डाक्टरों की संयुक्त टीम शामिल रही।
यहां भी हुई कार्रवाई
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सह एसडीएम सदर नेहा बंधु और एसीएमओ नंदकुमार पांडेय की संयुक्त टीम ने भटहट स्थित सत्या और वैष्णवी हॉस्पिटल की जांच की। इस दौरान अस्पताल में अप्रशिक्षित स्टाप मिले। एक भी पंजीकृत चिकित्सक व कर्मचारी उपस्थित नहीं मिले।
उधर, पीपीगंज प्रतिनिधि के अनुसार अपर जिलाधिकारी पुरुषोत्तम दास गुप्ता व एसीएमओ एके चौधरी ने कस्बे में इंद्रा अस्पताल, किरण आई हॉस्पिटल, न्यू यश हॉस्पिटल व वैष्णो हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने किरण आई हॉस्पिटल को आंख का अस्पताल होने के बावजूद अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज भर्ती करने के कारण सील कर दिया। जबकि अन्य अस्पताल संचालक को कागजात के साथ सीएमओ कार्यालय तलब किया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष पीपीगंज दीपक सिंह, लेखपाल शुभम मिश्रा, सब इंस्पेक्टर राम अवध मौजूद रहे।