किसानों की पैदावार सस्ते में खरीद कर मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए दलाल ने भूमिहीन किसानों के नाम सैकड़ों बीघे जमीन की खतौनी बनवाने का खेल किया। इस खेल में एसडीएम डुमरियागंज कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल था।
कंप्यूटर ऑपरेटर ने एसडीएम की आईडी पासवर्ड हैक कर दलाल के माध्यम से लाई गई किसानों की फर्जी खतौनी और दस्तावेज का सत्यापन कर डाला। इन सत्यापित दस्तावेज के आधार पर मंडी में उपज बेची गई। फर्जीवाड़ा पकड़ में आने पर एसडीएम त्रिलोकचंद ने कंप्यूटर ऑपरेटर सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
हाल ही में एसडीएम डुमरियागंज को शिकायतें मिलीं कि जिन किसानों के पास जमीन नहीं है उनके नाम से मंडी समितियों में सैकड़ों क्विंटल धान कब बिक्री की गई। उनके खातों में धान खरीद का आठ लाख से 18 लाख रुपयों तक का भुगतान किया गया।
इस पर उन्होंने जांच की। जांच में कई भूमिहीन या बहुत ही कम भूमि वाले किसानों के नाम सैकड़ों बीघा भूमि की खतौनी बनी होने की बात सामने आई। खास बात यह थी कि इन किसानों की खतौनी का सत्यापन एसडीएम डुमरियागंज द्वारा ही किया गया था। गहन जांच में सामने आया कि तहसील डुमरियागंज में तैनात भूलेख ऑपरेटर अमित तिवारी ने एसडीएम की आईडी और पासवर्ड हैक कर यह खेल किया।