फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरोप: लॉकडाउन में बंद था स्कूल, मगर विद्यार्थियों को कराया चार लाख का भोजन

Sun, 19 Dec 2021 02:07 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज विष्णुपुरा गौनर का मामला है। आरटीआई के तहत मिली जानकारी में खुलासा हुआ तो स्कूल प्रबंधन ने कहा- स्कूल खुला था इसलिए भोजन कराया।  

 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन में राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज विष्णुपुरा गौनर चौरी-चौरा में विद्यार्थियों को भोजन कराने के मद में 4,02,450 रुपये खर्च किए गए। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी में इसका खुलासा हुआ है। वहीं, इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि शासन के आदेश पर फरवरी से मार्च तक विद्यालय खोला गया था। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, शिकायत मिलने पर जांच कराने की बात कह रहे हैं।  
विज्ञापन


मियां बाजार निवासी आरटीआई कार्यकर्ता सुशीला देवी के अनुसार, कोरोना की दूसरी लहर में सरकार ने लॉकडाउन तीसरी बार 30 मई तक बढ़ाया था। इस दौरान सभी विद्यालय और शिक्षण संस्थाएं पूर्णतया बंद थे। आरोप है कि राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज विष्णुपुरा लॉकडाउन के कारण बंद था, लेकिन छात्रों के भोजन मद में लाखों रुपये खर्च किए गए हैं।

आरटीआई के तहत मांगी गई, जानकारी में सूचित किया गया है कि इस विद्यालय में फरवरी-2021 में विद्यार्थियों को 1131 खुराक भोजन कराया गया। इसके लिए 84,825 रुपये खर्च हुए। मार्च-2021 में विद्यार्थियों को 4235 खुराक भोजन कराया गया। इसके लिए 3,17,625 रुपये खर्च किए गए हैं। सुशीला देवी का आरोप है कि फरवरी और मार्च में लॉकडाउन के बावजूद 4,02,450 रुपये खर्च किए गए।
विज्ञापन

 
राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज विष्णुपुरा गौनर चौरी-चौरा के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. जीतेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि शासन के आदेश पर नौ फरवरी-2021 से कक्षा 11-12 और मार्च-2021 में कक्षा नौ-दस की कक्षाएं शुरू हुई थीं। विद्यालय में 209 विद्यार्थी पढ़ते हैं। उनकी उपस्थिति के आधार पर फरवरी में 1311 और मार्च में 4235 खुराक भोजन कराया गया। इसमें कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है।
 
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में फरवरी-मार्च में विद्यार्थियों के भोजन की मद में धन खर्च किए जाने की जानकारी नहीं है। यदि शिकायत की जाती है तो जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें