छोटी से छोटी घटनाओं को नजरअंदाज करना भविष्य के लिए बड़ी घटना को बढ़ावा देना है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए निचले स्तर पर ही निस्तारण करने का प्रयास हो। जान बूझकर मामलों को लंबित रखने के मामले में आयोग दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ये बातें उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. राम बाबू हरित ने कहीं। वे शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने समाज के सभी वर्गों के हित को सोचती है। पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान को पूरा करने में पार्टी जुटी है।
आयोग के उपाध्यक्ष राम नरेश पासवान ने कहा कि कई जिलों में अफसरों की शिथिलता से मामलों का समय से निस्तारण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में जनपदों में पहुंचकर संबंधित मामलों के निदान की पहल की जा रही है। उन्होंने डीएम से भिखारियों को आधार कार्ड से जोड़ने, गांवों में ढक्कनयुक्त नालियों को बनवाने का निर्देश दिया।
इससे पहले जिले से संबंधित 49 मामलों के निस्तारण की समीक्षा की गई। इस दौरान सांसद जगदंबिका पाल, आयोग की सदस्य अनीता सिद्धार्थ, जिलाधिकारी दीपक मीण, एएसपी सुरेश चंद्र रावत, एडीएम सीताराम गुप्ता, तहसीलदार राम ऋषि रमन, समाज कल्याण अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद माधव, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र सिंह, भाजपा नेता कन्हैया पासवान, फतेबहादुर सिंह आदि उपस्थित रहे।
पौधरोपण किया
लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस परिसर में शुक्रवार को अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सांसद और डीएम ने पौधरोपण किया। इस दौरान गोविंद माधव, उपेंद्र सिंह, सरोज शुक्ला, ओंकार पांडेय, अजय उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।