गोरखपुर में मेज को जोड़कर रास्ता बनाया गया।
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गोरखपुर में भारी बारिश की वजह से खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार की शाम थम गया। यह नदी पिछले आठ घंटों से स्थिर है। हालांकि, नदी खतरे के निशान से अब भी करीब 53 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं, रोहिन नदी का जलस्तर कम होने का सिलसिला थम गया है। इसमें वृद्धि दर्ज की जा रही है। राहत की बात यह है कि नदी, खतरे के निशान से नीचे आ चुकी है।
उधर, राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का क्रम जारी है। इस नदी का जलस्तर पिछले आठ घंटे में 10 सेंटीमीटर बढ़ा है। शाम चार बजे इसका जलस्तर 94.40 मीटर दर्ज किया गया। यह नदी खतरे के निशान से अब 58 सेंटीमीटर नीचे रह गई है।
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गोला तहसील के दो गांव सोमवार को ही पानी से घिर गए थे और वहां नाव लगानी पड़ी है। रोहिन नदी का जलस्तर 82.40 रिकॉर्ड किया गया है। आठ घंटे के भीतर यह नदी एक सेमी बढ़ी है, लेकिन खतरे के निशान से चार सेमी नीचे बह रही है।
नदियों के जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जिले में बाढ़ पर निगरानी एवं बचाव कार्यों के लिए जिले को सात जोन में बांटा गया है। हर तहसील को एक जोन बनाया गया है। हर जगह जोन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह चौरी चौरा, अपर जिलाधिकारी नगर विनीत सिंह को सदर, परियोजना निदेशक डीआरडीए को खजनी, जिला विकास अधिकारी को बांसगांव, एसीईओ गीडा को सहजनवां, मुख्य राजस्व अधिकारी एसके गोंड को गोला एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता को कैंपियरगंज जोन का जोन अधिकारी बनाया गया है।