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50 एकड़ फसल डूबी: बड़हलगंज में सरयू नदी उफनाई, कोलखास-नेतवार पट्टी मार्ग कटे

Fri, 11 Aug 2023 02:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी बड़हलगंज/ गोरखपुर।

सार

प्रधान संघ के जिला प्रभारी हृदय शंकर सिंह का कहना है कि डेरवा से पटना-कोलखास बंधे को बढ़ाया जाए, ताकि सरयू नदी के बाढ़ से गांव सुरक्षित रहें। तहसीलदार बृजमोहन शुक्ल का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन अलर्ट है। राजस्वकर्मी निगरानी कर रहे हैं। अभी खतरे की कोई बात नहीं है।
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नेतवार पट्टी गांव के सामने राम-जानकी मार्ग से ज्ञानकोल जाने वाला मार्ग। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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नेपाल और स्थानीय स्तर पर भारी बारिश की वजह से सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। बृहस्पतिवार को बाढ़ के पानी के तेज बहाव की वजह से दो संपर्क मार्ग कट गए। ग्रामीणों को आशंका है कि अगर नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कई गांव बाढ़ के पानी से घिर जाएंगे। उधर, सिंचाई विभाग के अफसरों ने नदी की निगरानी तेज कर दी है।

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बृहस्पतिवार को रामजानकी मार्ग से विस्थापित कोलखास गांव व नेतवार पट्टी गांव को जाने वाला मार्ग सरयू नदी के पानी के दबाव से कट गया। दो संपर्क मार्गों के कटने से ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया है। सरयू के उफान से कोलखास, ज्ञानकोल, भयपुरा, बरडीहा आदि गांव कभी भी बाढ़ में घिर सकते हैं। नरहरपुर गांव में भी सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है। विस्थापित कोलखास गांव के विक्रम और गोबरी यादव ने कहा कि सरयू नदी की बाढ़ से रात-दिन का चैन छिन चुका है। बाढ़ के पानी से गांव कभी भी घिर सकता है।

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प्रधान संघ के जिला प्रभारी हृदय शंकर सिंह का कहना है कि डेरवा से पटना-कोलखास बंधे को बढ़ाया जाए, ताकि सरयू नदी के बाढ़ से गांव सुरक्षित रहें। तहसीलदार बृजमोहन शुक्ल का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन अलर्ट है। राजस्वकर्मी निगरानी कर रहे हैं। अभी खतरे की कोई बात नहीं है।


 

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लोग बोले

सुग्रीव निषाद ने कहा कि बारिश होने से रेनकट हो जा रहे हैं। इनकी मरम्मत जरूरी है। यदि तनिक भी लापरवाही हुई तो बाढ़ आने पर रिसाव को रोकना मुश्किल होगा।

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विद्यासागर ने कहा कि बारिश और नदी का पानी बढ़ने पर हम लोग सजग हो गए हैं। लेकिन अधिकारियों को भी इसको लेकर सोचना चाहिए। यदि जरा सी लापरवाही हुई तो बाढ़ को रोकने में मुश्किल आएगी।

सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि मलौनी सहित अन्य बंधों की निगरानी की जा रही है। रेनकट की मरम्मत के संबंध में पीडब्ल्यूडी को तत्काल सूचना दी जाएगी। बृहस्पतिवार को राप्ती बैराज पर नदी घटाव पर थी। यदि आगे बारिश नहीं हुई तो पानी कम हो जाएगा। लेकिन बाढ़ की आशंका को देखते हुए सजगता बरती जा रही है।



 
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