सुग्रीव निषाद ने कहा कि बारिश होने से रेनकट हो जा रहे हैं। इनकी मरम्मत जरूरी है। यदि तनिक भी लापरवाही हुई तो बाढ़ आने पर रिसाव को रोकना मुश्किल होगा।
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विद्यासागर ने कहा कि बारिश और नदी का पानी बढ़ने पर हम लोग सजग हो गए हैं। लेकिन अधिकारियों को भी इसको लेकर सोचना चाहिए। यदि जरा सी लापरवाही हुई तो बाढ़ को रोकने में मुश्किल आएगी।
सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि मलौनी सहित अन्य बंधों की निगरानी की जा रही है। रेनकट की मरम्मत के संबंध में पीडब्ल्यूडी को तत्काल सूचना दी जाएगी। बृहस्पतिवार को राप्ती बैराज पर नदी घटाव पर थी। यदि आगे बारिश नहीं हुई तो पानी कम हो जाएगा। लेकिन बाढ़ की आशंका को देखते हुए सजगता बरती जा रही है।