समय जी महारानी सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अमर नाथ रूंगटा बताते है कि 1967 में श्री समय जी महारानी धर्मशाला कमेटी के नाम से मंदिर में पूजा अर्चना होती थी। 1967 में यहां धर्मशाला बनवाया गया था। बाद में धर्मशाला कमेटी का नाम बदल कर समय जी महारानी सेवा ट्रस्ट हुआ और जनसहयोग से मंदिर को भव्य रूप दिया गया।
सर्व प्रथम समय जी महारानी की मूर्ति मिट्टी की हुआ करती थी। 1932 में जमुना पंडित के सहयोग से मथुरा से लाकर पत्थर की मूर्ति लगाई गई थी। मूर्ति पहले खुले में रखी गई थी। श्रीराम नरायण जैन ने चारों तरफ बरामदा बनवा कर मूर्ति को व्यस्थित कराया था।
वर्ष 2000 में धर्मशाला कमेटी के अध्यक्ष रामकृपाल रूंगटा ने ट्रस्ट व जनसहयोग से मंदिर का निर्माण कराया और सिंह वाहिनी, दुर्गा प्रतिमा,बजरंगबली और भैरव की मूर्ति स्थापित कराया था। 2019 में समय जी महारानी सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अमर नाथ रूंगटा ने जनसहयोग से 151 किलोग्राम चांदी का सिंहासन बनवाया। मंदिर में जो भी आस्था से आकर दर्शन करता है, समय माता उसकी मनोकामना पूर्ण करती है।