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एक्सक्लूसिव: पहले बिना रणनीति जिपं अध्यक्ष लड़ी, अब बिना नेतृत्व ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने जा रही सपा

Wed, 07 Jul 2021 11:37 AM IST
vivek shukla अरुण चन्द, गोरखपुर।

सार

12 दिन से जिलाध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी तो ढाई साल से महानगर कार्यकारिणी चल रही भंग। ठोस रणनीति के अभाव में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में मुंह की खाने के बाद भी नहीं जाग रही पार्टी।
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सपा के राष्ट्रीय अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पहले बिना रणनीति के जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़कर मुंह की खाने वाली समाजवादी पार्टी अब बिना नेतृत्व के ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ने जा रही है। गोरखपुर में पार्टी के जिलाध्यक्ष समेत पूरी कार्यकारिणी 12 दिन से भंग चल रही है तो करीब ढाई साल से महानगर कार्यकारिणी का गठन नहीं हुआ।
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2022 में जीत का दावा करने वाली पार्टी इतने लंबे अंतराल से महानगर अध्यक्ष पद के लिए कोई योग्य चेहरा तक नहीं तलाश सकी है। इसी का नतीजा है कि महानगर इकाई में अनुशासनहीनता बढ़ती जा रही है। कार्यकर्ता एकजुट होकर चलने के बजाए एक-दूसरे की खामियां गिनाते फिर रहे हैं। पार्टी जिस तेवर के लिए जानी जाती थी, वह भी गायब होता दिख रहा है।

जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा न खुद कोई ठोस रणनीति बना पाई और न ही भाजपा की चाल भाप पाई। इसकी वजह से पार्टी का प्रत्याशी नामांकन तक नहीं कर सका। अब ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी पार्टी यही गलती दोहराती दिख रही है। जिला पंचायत चुनाव में नाकामी की वजह नेतृत्व की कमी मानकर ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 26 जून को जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी को पद से हटाया था।
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माना जा रहा था कि ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को देखते हुए जल्द ही जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर तैनाती हो जाएगी। एक बार धोखा खा चुकी पार्टी, इस चुनाव में ठोस रणनीति बनाने पर भी काम करेगी। मगर पार्टी में रणनीति तो दूर नेतृत्व का ही अभाव हो गया है।  
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आज प्रत्याशियों की घोषणा करेगी सपा

उधर, 2019 में महानगर अध्यक्ष पद से जियाउल इस्लाम को हटाने के बाद अभी तक पूरी महानगर कमेटी ही भंग चल रही है। पार्टी ने बीच में महानगर अध्यक्ष की कुर्सी के लिए दो नामों पर मन बनाया मगर एक ने पार्षद की राह पकड़ ली तो दूसरे के नाम पर इतनी शिकायतें पहुंची की पार्टी ने इरादा बदल दिया। उसके बाद तैनाती के लिए कसरत ही नहीं हुई।

पार्टी के पदाधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि जिला और महानगर कमेटी भंग होने का असर चुनाव पर नहीं पड़ेगा मगर ब्लॉक प्रमुख पद की तैयारी में जुटे प्रत्याशी अब खुद पर ही भरोसा कर रहे हैं। जो गुणा-गणित बैठानी है वह अपने तयी ही बैठाने में जुटे हैं। उनका भी यह प्रयास कितना सफल रहता है, वह भी आठ जुलाई को होने जा रहे नामांकन या 10 जुलाई को नतीजे वाले दिन साफ हो जाएगा।

समाजवादी पार्टी बुधवार यानी आज ब्लॉक प्रमुख पद के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर देगी। पार्टी सभी ब्लॉकों में अपने प्रत्याशी उतारेगी। निवर्तमान जिलाध्यक्ष नगीना साहनी का कहना है कि नामों पर मंथन हो चुका है। शीर्ष नेतृत्व से झंडी मिलते ही प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी। बुधवार को सभी नाम घोषित कर दिए जाएंगे।  
 
निवर्तमान जिलाध्यक्ष नगीना साहनी ने बताया कि कार्यवाहक और स्थायी होने का असर तो पड़ता ही है। शीर्ष नेतृत्व ने नई तैनाती होने तक निवर्तमान को ही ब्लॉक प्रमुख चुनाव की तैयारी करने को कहा है। महानगर इकाई में फिलहाल कोई चुनाव नहीं हुआ इसलिए महानगर अध्यक्ष के पद पर नई तैनाती नहीं हुई। जल्द ही पार्टी महानगर में भी अध्यक्ष तैनात कर देगी। जिला पंचायत अध्यक्ष की ही तरह ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी प्रशासन और पुलिस के अधिकारी सत्ता के दबाव में काम कर रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए दो-चार ब्लॉकों को छोड़ 12 से अधिक में मंगलवार को प्रशासन की तरफ से सपा को नामांकन पत्र ही नहीं दिया गया, जबकि आठ जुलाई को ही नामांकन है। 
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