अखिलेश ने कहा कि बाबा लोगों को झूठ नहीं बोलना चाहिए। और, यदि बाबा एक योगी हैं, तो उन्हें झूठ कत्तई नहीं बोलना चाहिए। लेकिन, जिस तरह से मुख्यमंत्री और भाजपा के लोग झूठ बोल रहे हैं, उस तरह से दुनिया की किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता नहीं बोलते। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा को घेरते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई, खाद नहीं मिली। यदि किसी को खाद की बोरियां मिली भी तो उसमें से पांच किलो खाद गायब हो गई। भूल से भी भाजपा की सरकार बनी तो 10 किलो की चोरी होने लगेगी। इस दौरान पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी अमरेंद्र निषाद, कैंपियरगंज की प्रत्याशी काजल निषाद, जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, राजमती निषाद, डॉ. मोहसीन खान समेत कई पार्टी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
11 मार्च को गुल्लू के लिए बिस्किट लेकर जाइएगा बाबा
अखिलेश ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम और आप सब परिवार वाले हैं। परंपरा है कि परिवार वाले जब भी कभी घर लौटते हैं तो कुछ न कुछ सामान लेकर आते हैं। इसलिए, अपने बाबा मुख्यमंत्री को सलाह है कि वह जब 11 मार्च को गोरखपुर वापस आएं तो अपने गुल्लू के लिए बिस्किट जरूर लेकर आएं। उन्होंने छुट्टा पशुओं को लेकर तंज कसते हुए कहा कि- हमने तो नहीं देखा गुल्लू...आपने देखा क्या गुल्लू। सुना है, यह भी बाबा मुख्यमंत्री का एक प्रिय जानवर है। मगर, सिर्फ गुल्लू ही नहीं, हमारे बाबा मुख्यमंत्री का एक और प्रिय जानवर है सांड़, जो किसानों के लिए मुश्किल बना हुआ है।
घोषणा पत्र भी बता गए अखिलेश
अखिलेश ने कहा कि इसबार साइकिल की रफ्तार को कोई नहीं रोक सकता। समाजवादी सरकार में 300 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी। सिंचाई के लिए किसानों को भी कोई बिल नहीं देना पड़ेगा। पुरानी पेंशन भी बहाल होगी। समाजवादी सरकार बनेगी तो तीन महीने के अंदर सभी जातियों को गिनने का काम कराएगा जाएगा ताकि पता चले कि किस जाति के कितने लोग हैं। इससे उन्हें उनका अधिकार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। कहा कि गरीबों का मुफ्त इलाज होगा। एंबुलेंस की व्यवस्था और भी बेहतर बनाई जाएगी।
...और अचानक दब गई आवाज
अखिलेश ने अभी 10 मिनट ही अपना भाषण पूरा किया होगा कि अचानक माइक में खराबी आ गई। पहले से गला खराब होने की वजह से बोलने में दिक्कत महसूस कर रहे अखिलेश असहज हो गए। उनकी आवाज और दब गई। भीड़ में से कई बार साउंड सही करने की मांग होती रही, मगर वह सही नहीं हो सका। यही नहीं जनसभा समाप्त होते ही नीचे से लेकर मंच तक पर भीड़ बेकाबू हो गई। धक्का-मुक्की शुरू हो गई। अखिलेश को खुद हस्तक्षेप भी करना पड़ा।