जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध होने पर साधना सिंह के नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। वह जिले की पहली महिला हैं, जो दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान संभालेंगी। इससे पहले साधना 2010 से 2015 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रही थीं। तब वह बसपा में थीं और निर्विरोध चुनाव जीती थीं। यह दूसरा मौका होगा, जब भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष बनेगा। इससे पहले तीन बार सपा, एक बार बसपा और एक बार भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुका है।
साधना सिंह को विरासत में मिली है सियासत
साधना सिंह को सियासत विरासत में मिली है। साधना के ससुर वीर बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। पति फतेह बहादुर सिंह सिंह भाजपा से विधायक हैं। वह कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र से 1991 से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। फतेहबहादुर सिंह पहले यूपी सरकार में वन व औद्योगिक मंत्री रह चुके हैं। साधना भी दूसरी बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतकर आई हैं।
भाजपा ने 55 सदस्यों के समर्थन का दावा किया
गोरखपुर में 68 जिला पंचायत वार्ड हैं। भाजपा ने 19 सीटें जीती थीं। साथ ही दावा किया था कि बगावत करके चुनाव लड़ने व जीतने वाले छह सदस्यों का समर्थन है। जैसे ही साधना सिंह को टिकट मिला है, वैसे ही निर्दलियों का समर्थन मिल गया। भाजपा नेताओं का दावा है कि 68 में से 55 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन मिल गया था। भाजपा नेताओं का दावा है कि सपा, बसपा के ज्यादातर जिला पंचायत सदस्य भाजपा के संपर्क में थे। अगर मतदान की नौबत आती तो भी सपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ता।