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गोरखपुर जिला पंचायत: साधना सिंह के नाम दूसरी बार निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने का बना रिकॉर्ड, विरासत में मिली है सियासत

Sun, 27 Jun 2021 03:19 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

छठवीं बार भी आधी आबादी के हाथ में जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान। गोरखपुर में अब तक महिला जिला पंचायत अध्यक्ष ही चुनी गईं।
 
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जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी साधना सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर में पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बाद से गोरखपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान आधी आबादी (महिला) के ही हाथ में रही है। यह इतिहास इस बार भी बरकरार रहा। साधना सिंह का निर्विरोध निर्वाचन तय है। अब जीत का प्रमाण मिलने भर की औपचारिकता बची है।  

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गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट इस बार सामान्य हुई थी। अंदाजा लगाया जा रहा था कि इस बार किसी पुरुष को जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का मौका मिलेगा, लेकिन साधना सिंह के चुनाव लड़ने की बात सामने आते ही इस कयास पर विराम लग गया। तय हो गया था कि छठवीं बार भी जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान आधी आबादी के हाथ में ही रहने वाली है।  

अब तक की महिला जिला पंचायत अध्यक्ष
शोभा साहनी-भाजपा 1995 से 2000
सुभावती पासवान-सपा 2000 से 2005
चिंता यादव-सपा 2005-2010
साधना सिंह-बसपा 2010 से 2015
गीतांजलि यादव- सपा 2015 से 2020
साधना सिंह- भाजपा 2021-2026 (निर्विरोध निर्वाचन तय)

 

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साधना सिंह के नाम दूसरी बार निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का रिकार्ड

जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध होने पर साधना सिंह के नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।  वह जिले की पहली महिला हैं, जो दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान संभालेंगी। इससे पहले साधना 2010 से 2015 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रही थीं। तब वह बसपा में थीं और निर्विरोध चुनाव जीती थीं।  यह दूसरा मौका होगा, जब भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष बनेगा। इससे पहले तीन बार सपा, एक बार बसपा और एक बार भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुका है।

साधना सिंह को विरासत में मिली है सियासत
साधना सिंह को सियासत विरासत में मिली है। साधना के ससुर वीर बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। पति फतेह बहादुर सिंह सिंह भाजपा से विधायक हैं। वह कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र से 1991 से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। फतेहबहादुर सिंह पहले यूपी सरकार में वन व औद्योगिक मंत्री रह चुके हैं। साधना भी दूसरी बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतकर आई हैं।

भाजपा ने 55 सदस्यों के समर्थन का दावा किया
गोरखपुर में 68 जिला पंचायत वार्ड हैं। भाजपा ने 19 सीटें जीती थीं। साथ ही दावा किया था कि बगावत करके चुनाव लड़ने व जीतने वाले छह सदस्यों का समर्थन है। जैसे ही साधना सिंह को टिकट मिला है, वैसे ही निर्दलियों का समर्थन मिल गया। भाजपा नेताओं का दावा है कि 68 में से 55 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन मिल गया था। भाजपा नेताओं का दावा है कि सपा, बसपा के ज्यादातर जिला पंचायत सदस्य भाजपा के संपर्क में थे। अगर मतदान की नौबत आती तो भी सपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ता। 
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