छात्रावास में आपराधिक गतिविधि की जांच में एलआईयू भी
छात्रावास में आपराधिक गतिविधि बुधवार को सामने आने के बाद एलआईयू को भी सक्रिय कर दिया गया है। एलआईयू अपने स्रोतों की मदद से पूरी रिपोर्ट तैयार कर रही है। पुलिस इस प्रकरण से जुड़े सभी पर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
15 साल पहले वर्चस्व को लेकर छात्रावास में हुई थी हत्या
15 साल पहले गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रावास में वर्चस्व को लेकर बवाल हुआ था। इस दौरान कबीर छात्रावास कमरा नंबर 100 में ककराखोर निवासी बंटू सिंह की जलाकर हत्या कर दी गई थी। उसे पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया गया था। इसके बाद वर्चस्व की जंग को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन सक्रियता बरतती है, लेकिन एक बार फिर वर्चस्व को लेकर बवाल और फायरिंग का मामला सामने आया है। हालांकि, संयोग अच्छा था कि गोली किसी को नहीं लगी। तब इस मामले में एक छात्रनेता और उसके साथियों को आरोपी बनाया गया था।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि दो अलग-अलग छात्रावास के कमरों में आगजनी की गई है। मारपीट के दौरान तीन राउंड फायरिंग भी हुई। पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आई तहरीर पर केस दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगी है, जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
पुलिस ने छात्रावासों में छापा मारा
गोरखपुर। विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों में बृहस्पतिवार को पुलिस की टीम ने छापा मारा। इस दौरान विश्वविद्यालय के सभी वार्डेन व अधिकारी भी मौजूद रहे। हालांकि, कोई बाहरी छात्र नहीं मिला। उधर, एनसी हॉस्टल में पुलिस ने लगे सीसीटीवी कैमरे की भी पड़ताल की। कुछ कैमरों के काम न करने की बात भी सामने आई है। ब्यूरो
पुलिस को नामजद तहरीर दी गई है। हॉस्टल की चेकिंग कराकर बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर एसके सिंह के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है। समिति ने जांच शुरू कर दी है। समिति घटना के बारे में और इसमें शामिल लोगों को चिह्नित कर रिपोर्ट देगी। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - प्रो. राजेश सिंह, कुलपति दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय