देश की आजादी के 75वें साल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) 19 नंवबर यानी रानी लक्ष्मीबाई की जयंती से 19 दिसंबर यानी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के बलिदान दिवस तक अमृत महोत्सव मनाएगा। उत्सव के अंतर्गत गोरक्षप्रांत में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही देश के गुमनाम क्रांतिवीरों की खोज कर उनका सम्मान किया जाएगा।
बुधवार को विश्व संवाद केंद्र कचहरी बस स्टेशन पर पत्रकारवार्ता के दौरान उत्सव के प्रांत संयोजक प्रो. रविशंकर सिंह ने बताया कि आरएसएस के साथ विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों ने मिलकर प्रांत के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली है। इस दौरान तिरंगा यात्रा, भारत माता पूजन, वंदे मातरम का सामूहिक गायन, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज को बलिदानी वीरों की गाथा बताने के साथ ही इंटर, डिग्री कॉलेज व विश्वविद्यालयों में प्रतियोगिताओं व विचार गोष्ठी का आयोजन होगा। इसके साथ ही अमर सपूतों के स्मारकों पर दीपोत्सव भी होगा।
प्रांत संपर्क प्रमुख डॉ. संजीत गुप्त ने बताया कि गुमनाम क्रांतिकारियों से मतलब उन लोगों से है, जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी लेकिन उनका जिक्र इतिहास में नहीं हो सका। और इस वजह से लोगों को भी उनके संघर्ष के बारे में पता नहीं चला। प्रांत प्रचार प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए समितियां बन गईं हैं। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संयोजन में कई सांस्कृतिक व सामाजिक संगठन गांव, नगर और बस्तियों में सक्रिय होकर उल्लासपूर्वक अमृत महोत्सव मनाएंगे।