केंद्र और राज्य सरकार की तरह ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी कोरोना से बेसहारा बच्चों को सहारा देगा। बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा व पुनर्वास की रणनीति बनाई गई है।
आरएसएस गोरक्ष प्रांत के प्रचारक सुभाष का कहना है कि बेसहारा बच्चों के पुनर्वास काम जल्द शुरू होगा। जरूरत के हिसाब से बच्चों का दाखिला सरस्वती शिशु मंदिर में कराया जाएगा। स्वयंसेवक गांव व बस्तियों में जाकर पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं। कोशिश है कि बच्चों का अक्षर ज्ञान, धारा व दिशा न बदले।
आरएसएस के प्रांत प्रचारक सोमवार को नारद जयंती के उपलक्ष्य में मीडिया कर्मियों से रूबरू हुए और विश्व संवाद केंद्र में स्वयं सेवकों के सेवा की जानकारी दी। प्रांत प्रचारक ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान गोरक्ष प्रांत में एतिहासिक काम किए गए हैं। गोरखपुर में 50 बेड और देवरिया में 25 बेड का आइसोलेशन सेंटर बनाया गया। देवरिया में दो एंबुलेंस व शव वाहन भी चलवाए गए। अब तक गोरखपुर, देवरिया और महराजगंज में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए गए हैं। जल्द ही बस्ती, संतकबीरनगर व कुशीनगर में भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं।
कहा कि गोरक्ष प्रांत में 25 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगाए गए हैं। प्रांच प्रचारक ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर भले ही धीमी पड़ गई है लेकिन स्वयं सेवक लगातार काम कर रहे हैं। 400 ऑक्सीमीटर व स्कैनिंग मशीन के साथ स्वयं सेवक गांवों में जा रहे हैं। जिनको बुखार या खांसी आ रही हैं, उन्हें कोरोना से बचाव का उचित सलाह दे रहे हैं। ऑक्सीजन लेवल भी माप रहे हैं।
जागरूकता की मुहिम चला रहे स्वयं सेवक
आरएसएस के विशेष संपर्क प्रमुख प्रो. संजीत गुप्ता ने कहा कि कोरोना से बचाव का सबसे बड़ा मंत्र जागरूकता है। स्वयं सेवक वृहद जागरूकता अभियान चला रहे हैं। टीकाकरण अभियान तेजी से चले, इस दिशा में भी काम किया जा रहा है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस मौके पर प्रांत प्रचार प्रमुख उपेंद्र प्रसाद द्विवेदी व पुनीत पांडेय भी मौजूद रहे।