कानूनी जानकारों की मानें तो यदि ऐसी दशा में रकम वापसी के समय संबंधित पक्षकार रुपये की वैधानिकता का सवाल उठाकर पुलिस को कोर्ट में चुनौती दे सकता है। ऐसे में पुलिस की मुसीबत बढ़नी तय है।
दो हजार के नोट पर पाबंदी से कालाधन ही नहीं, मालखाने के नोट भी अवैध हो सकते हैं। यदि समय रहते वादी या विवेचक नहीं चेते तो यह रकम बेकार हो जाएगी। यदि वादी न्यायालय चला गया तो पुलिस का सिरदर्द भी बढ़ जाएगा। फिलहाल पुलिस अफसर इस रकम को लेकर गफलत में हैं। वह शासन की गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक, रेंज के थानों में तमाम मामलों में बरामद एक करोड़ से ज्यादा की रकम रखी हुई है। हालांकि इसमें से दो हजार के नोट कितने हैं, इसकी जानकारी नहीं है। इससे जुड़े मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं। इस वजह से इस रकम पर पुलिस महकमा भी अभी ध्यान नहीं दे रहा है।
तमाम ऐसे मामले हैं, जिनके निपटारे में अभी समय लग सकता है और यदि मुकदमों के निपटारे में मार्च का समय बीत गया तो फिर ये रुपये अवैध हो जाएंगे। न्यायालय के आदेश पर पुलिस इन रुपयों को सौंप तो जरूर देगी, मगर लेने वाले के हिस्से में सिर्फ कागज के टुकड़े ही आएंगे।
कानूनी जानकारों की मानें तो यदि ऐसी दशा में रकम वापसी के समय संबंधित पक्षकार रुपये की वैधानिकता का सवाल उठाकर पुलिस को कोर्ट में चुनौती दे सकता है। ऐसे में पुलिस की मुसीबत बढ़नी तय है।