एचएन सिंह चौराहे से गोरखनाथ इलाके तक फोरलेन निर्माण में सुरक्षा की अनदेखी
सड़क खोदने की वजह से स्थानीय लोगों को हो रही आने-जाने में परेशानी
गोरखपुर। शहर में सिर्फ विरासत गलियारा ही नहीं, एचएन सिंह चौराहे से गोरखनाथ मंदिर तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क के लिए भी गड्ढे खोद कर छोड़ दिए गए हैं। सड़क किनारे बनाए जा रहे गहरे और चौड़े नालों पर स्लैब भी नहीं है। सावधानी के लिए न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई रोक-टोक है। जान जोखिम में डालकर लोग संकरी सी जगह पर दीवार के सहारे निकल रहे हैं। ऐसे में जरा भी पैर फिसला तो संभलना मुश्किल है।
एचएन सिंह चौराहे से गोरखनाथ मंदिर तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य तेजी पर है। जगेश्वर पासी चौराहे के पास सड़क के एक हिस्से में गहरी खोदाई की गई थी। सड़क के किनारे अस्थायी रूप से छोड़ी गई संकरी जगह से लोग दीवार के सहारे निकलते नजर आए। इसी दौरान शास्त्रीनगर निवासी जाहिद का संतुलन बिगड़ गया और वह गिरते-गिरते बचे। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाल लिया। यदि वह गड्ढे में गिर जाते तो गंभीर चोटें लग सकती थीं।
स्थानीय दिनेश सिंह का कहना है कि निर्माण कार्य के चलते कॉलोनी की ओर जाने वाला सीधा रास्ता बंद है। लोगों को अब लंबा चक्कर लगाकर अपने घरों तक पहुंचना पड़ रहा है। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए यह स्थिति और भी परेशानी भरी हो गई है। निर्माण स्थल के आसपास चारों ओर मलबा फैला हुआ है।
हवा चलने पर धूल भी उड़ रही थी। इससे राहगीरों को पैदल निकलने में भी कठिनाई हो रही है। हड़हवा फाटक की तरफ कई लोग अपने मकानों के प्रभावित हिस्सों को तोड़ते नजर आए। तोड़े गए हिस्सों का मलबा नाले में भी जमा हो रहा है, जिससे जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
मलबा सड़क तक फैल जाने के कारण बुधवार को वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई थी। कई बार जाम की स्थिति भी बन रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य जरूरी है लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए। गड्ढों के पास बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने जरूरत है।
मलबे की वजह से जलभराव, लोगों को दिक्कतें
गोरखनाथ थाने से हुमायूंपुर चौराहा होते हुए एचएन सिंह चौराहे तक फोरलेन/टू-लेन सड़क चौड़ीकरण योजना के अंतर्गत हुमायूंपुर चौराहे के पास मकानों के ध्वस्तीकरण के कारण नालों में मलबा गिर गया। इसके चलते हुमायूंपुर चौराहा, लाजपत नगर, हड़हवा फाटक मेन रोड, कुम्हारटोली आदि क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इससे नागरिकों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। समस्या को संज्ञान में लेते हुए पूर्व उपसभापति एवं स्थानीय पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह और सफाई निरीक्षक सुधीर यादव को अवगत कराया। इसके बाद पोकलेन मशीन मंगाकर नालों की सफाई कराई गई, जिससे जलभराव की समस्या समाप्त हो गई। पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने बताया कि लगातार मकानों के टूटने से नालों में जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसे देखते हुए प्रतिदिन मशीन और नाला गैंग लगाकर नियमित सफाई कराई जा रही है, ताकि दोबारा जलभराव की समस्या न हो।
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घंटाघर क्षेत्र में खुला नाला और स्लैब भी नहीं... हर तरफ खतरा
- जरा सी लापरवाही से नाले में गिरने का खतरा
गोरखपुर। शहर के व्यस्त घंटाघर क्षेत्र में इन दिनों नाला और निर्माण कार्य के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नालों पर स्लैब भी नहीं रखे गए हैं। इससे राहगीरों में डर का माहौल बना हुआ है। गीताप्रेस की तरफ जाने वाला मुख्य रास्ता बंद कर दिया गया है। इसके कारण लोगों को मजबूरन घंटाघर की ओर से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बुधवार को क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग वैकल्पिक मार्ग से आते-जाते नजर आए। कई महिलाएं गोद में छोटे बच्चों को लेकर सड़क पार करती दिखीं। नाले पर स्लैब न होने की वजह से हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरा सी असावधानी से कोई भी व्यक्ति खुले नाले में गिर सकता है।
धर्मशाला की ओर नाले का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जिससे वहां स्थिति कुछ हद तक सामान्य है। हालांकि, अलीनगर क्षेत्र में कई जगह रास्ते अवरुद्ध मिले। जगह-जगह खोदाई और निर्माण सामग्री पड़े होने से लोगों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है।
नाले पर रखवा रहे स्लैब
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अरविंद सिंह ने बताया कि नाला निर्माण के साथ ही स्लैब रखे जा रहे हैं। बुधवार को कई जगहों पर स्लैब रखे गए। साथ ही जलनिकासी के लिए पंप लगाए गए हैं। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा ताकि लोगों को परेशानी न हो।