आधुनिक मशीनों से सुसज्जित है लैब
डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि लैब में आरटीपीसीआर मशीन, एलाइजा मशीन, टीबी एवं अन्य बैक्टीरिया की जांच के लिए सीबीनेट मशीन, आरएनए एक्सट्रेक्टर और एडवांस जांच की मशीनें भी हैं। यह बीएसएल-थ्री लैब कई मामलों में बेहद खास है। लैब में येलो फीवर वायरस, वेस्ट नाइल वायरस, कोरोना वायरस, स्वाइन फ्लू वायरस और मर्स वायरस पर शोध हो सकेगा है। उनकी जीन की जांच और पहचान दोनों मौके पर ही हो सकेगी। लैब में ड्रग रेजिस्टेंट टीबी बैक्टीरिया पर भी शोध हो सकेगा। आधुनिक रूप से इस लैब को बनाया गया है।
नेक्स्ट जीनोम सीक्वेंसर मशीन का ट्रायल अगले सप्ताह
आरएमआरसी को जांच के लिए जीनोम सीक्वेंसर मशीन मिल गई है। इसे आरएमआरसी के लैब में इंस्टाल करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। दो से तीन दिनों के अंदर मशीन इंस्टाल हो जाएगी। इसके बाद अगले सप्ताह इसका ट्रायल होगा। ट्रायल के दौरान जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए रैंडम नमूना लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट आईसीएमआर को भेजी जाएगी। आईसीएमआर से अनुमति के बाद मरीजों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच शुरू होगी। डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि यह मशीन जर्मनी से आई है। इसी से वायरस के नए वैरिएंट का पता लगाया जाता है।