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अमर उजाला-अपराजिता: पेन व गाड़ी की चाबी को हथियार बनाएं बेटियां, छात्राओं को दिया गया आत्मरक्षा का प्रशिक्षण

Tue, 26 Apr 2022 12:09 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

आत्मरक्षा प्रशिक्षण के विशेषज्ञ सनी सिंह, शिवम व मौर्या सूरज ने सोमवार को छात्राओं को खुद के बचाव का मंत्र दिया। साफ कहा कि किसी भी स्थिति में अपना आपा न खोएं। धैर्य और साहस से काम लें।
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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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आपात स्थिति में बेटियां पेन, गाड़ी की चाबी और मोबाइल फोन को हथियार बना सकती हैं। पेन व चाबी के सटीक वार से शोहदे की हिम्मत टूट जाएगी। इसी तरह मोबाइल फोन से पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 की मदद ली जा सकती है। पुलिस की तत्काल मदद मिल जाती है। यह सीख अमर उजाला की अपराजित मुहिम के तहत संस्कृति पब्लिक स्कूल सिक्टौर की छात्राओं को दी गई।

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आत्मरक्षा प्रशिक्षण के विशेषज्ञ सनी सिंह, शिवम व मौर्या सूरज ने सोमवार को छात्राओं को खुद के बचाव का मंत्र दिया। साफ कहा कि किसी भी स्थिति में अपना आपा न खोएं। धैर्य और साहस से काम लें। हर छात्रा के पास पेन रहता है। इसका इस्तेमाल हथियार के रूप में करना चाहिए। पेन का वार तगड़ा होता है। खुद के बचाव के लिए शरीर के अंग हाथ-पैर, नाखून, दांत, सिर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके तरीके भी बताए गए। ताइक्वांडो प्रशिक्षक विशाल कुमार और उनकी टीम ने बेटियों को आत्मशक्ति और तकनीक के सहारे मनबढ़ों को धूल चटाने का गुर सिखाया, ताकि बेटियां गलत नियत से उठने वाले हर हाथ को मरोड़ने में पारंगत हो सकें। प्रशिक्षक विशाल कुमार ने छात्राओं को पंच, फेस पंच, ब्लॉक, नेक चाप, अटैक और डिफेंस के साथ-साथ लाठी, डंडा के हर वार को बेकार करने के तकनीक का तरीका बताया।
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इनका विशेष सहयोग
शिविर को सफल बनाने में आंशिक गुप्ता, नैंसी पासवान, योगेश पांडेय, दिव्यांशी, प्रियांशी, रोहन पासवान, रोहित पासवान, खुशी कुमारी, सोनाक्षी साहनी, दीपाली साहनी, रोमा गुप्ता, परवीन साहनी, हिमांशु साहनी, पीडी द्विवेदी, दुर्गेश, विवेक, विजय, आशुतोष, वंदना, राधेश्याम, विनय, सुभाषिनी, बृजेश, संजीव, फारूख।

आत्मरक्षा शिविर से बेटियों का हौसला बढ़ा है। यहां दी गईं जानकारियों का छात्राएं निरंतर अभ्यास करें और दूसरों को भी इसकी जानकारी दें।- डॉ. ज्ञानती सिंह, प्रधानाचार्य, संस्कृति पब्लिक स्कूल

बोलीं छात्राएं

मैंने, पेन व गाड़ी की चाबी और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर मनचले की पकड़ कमजोर करने के साथ पलटवार का तरीका सीखा है। अपने आस पड़ोस के दोस्तों को भी सिखाएंगे। - शिक्षामनी, कक्षा-12

आपात स्थिति में आपा नहीं खोना है। धैर्य व साहस से हर स्थिति के मुकाबले की सीख मिली है। - माही त्रिपाठी, कक्षा-12

आज पता चला कि हम विपरीत परिस्थिति में अपना बचाव खुद कर सकते हैं।  नाखून और दांत को हथियार बनाकर सामने वाले को पस्त कर सकते हैं। - पलक राय, कक्षा-12

 आत्मशक्ति व तकनीक के सहारे मनबढ़ों को धूल चटाने का गुर सिखा है। यह अभियान बेटियों को सशक्त बनाने का काम कर रहा है। यह जानकारी परिवार में साझा करूंगी।- तान्या जायसवाल, कक्षा-12

 
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