भारतीय स्टेट बैंक में रखी हुई रिवाल्वर।
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गोरखपुर जिले के बैंक रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में एक रिवाल्वर ऐतिहासिक धरोहर के रूप में रखी हुई है। यह रिवाल्वर तत्कालीन स्टेट बैंक के पहले ऑफिसर इंचार्ज की है। यह रिवाल्वर 1917 में स्काटलैंड की कंपनी वेबले ने बनाया था, जो अब भारत की धरोहर है।
इस रिवाल्वर के साथ उस समय की 38 बोर की 10 गोलियां भी हैं। इस समय के रिवाल्वर से लगभग डेढ़ गुना बड़ा और मजबूत है। सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) के स्थानांतरण पर यह रिवाल्वर नए एजीएम को सौंप दिया जाता है।
गोरखपुर में मुख्य शाखा की स्थापना 15 अक्टूबर 1923 को हुई। पूरे प्रदेश में गोरखपुर की शाखा पांचवीं थी। तब यहां के मुख्य अधिकारी का पद 'ऑफिसर इंचार्ज' होता था। 1928 तक यह पद बरकरार रहा। पहले ऑफिसर इंचार्ज आरडब्ल्यूई क्रेडाक थे। यह रिवाल्वर उन्हीं का है।
इसके बाद समय के साथ इस पद का नाम बदलता चला गया। ऑफिसर इंचार्ज के बाद 'एजेंट', फिर मैनेजर और फिर सहायक महाप्रबंधक के नाम से जाना जाने लगा।