संस्कृत माध्यमिक एवं सहायता प्राप्त अनुदानित (एडेड) विद्यालयों का प्रोजेक्ट अलंकार के तहत कायाकल्प कराया जाएगा। इसे लेकर प्रधानाचार्य जो प्रस्ताव देंगे उसका 50 प्रतिशत धन शासन देगा। जबकि शेष धन विद्यालय प्रबंधन वहन करेगा। ये बातें सह जिला विद्यालय निरीक्षक ब्रजेश उपाध्याय ने शुक्रवार को एमएसआई इंटर कॉलेज सभागार में प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों के साथ आयोजित बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि शासन ने अलंकार परियोजना के तहत 50 वर्ष से अधिक पुराने विद्यालयों का कायाकल्प करने का निर्णय लिया है। इसके तहत वे माध्यमिक विद्यालय जहां तीन सौ छात्र संख्या है उन्हें न्यूनतम 25 लाख तथा दो हजार व उससे अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को अधिकतम 1 करोड़ 25 लाख रुपये तक का प्रस्ताव बनाने की अनुमति होगी। बैठक में जिन विद्यालयों के सिर्फ प्रधानाचार्य आए हैं वह अपने प्रबंधकों के साथ बैठक कर इस पर निर्णय लेकर प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।
इस मद में कर सकेंगे इस्तेमाल
परियोजना के तहत मिले धन से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, जीर्ण-शीर्ण कमरों की मरम्मत, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, प्रयोगशाला कक्ष के साथ-साथ रंगाई-पुताई का कार्य किया जा सकेगा।