गोरखपुर शहर से सटे चरगांवा में नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी) का रीजनल सेंटर खुलेगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने 1.6 एकड़ जमीन आवंटित कर दी है। इसके साथ ही निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस सेंटर के खुल जाने से गोरखपुर-बस्ती मंडल के साथ ही कुशीनगर-गोरखपुर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और नेपाल व बिहार बार्डर की निगरानी करना आसान हो जाएगा। गोरखपुर की ही तरह बरेली में एनसीबी का दूसरा रीजनल सेंटर प्रस्तावित है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर कुलदीप मीणा ने बताया कि नारकोटिक्स ब्यूरो के रीजनल सेंटर के लिए जमीन आवंटित कर दी गई है। अब जल्द ही इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शासन ने रीजनल सेंटर के लिए जिला प्रशासन से दो एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने को कहा था।
शासन के निर्देश के क्रम में जिला प्रशासन जमीन की तलाश कर रहा था। दो-तीन जगह जमीन देखने के बार चरगांवा स्थित 1.6 एकड़ जमीन इसके लिए सबसे मुफीद पाई गई। शासन से मंजूरी मिलने के बाद नारकोटिक्स ब्यूरो को जमीन आवंटित कर दी गई है।
तेजी से फैल रहा स्मैक का धंधा, गिरफ्त में आ रहे युवा
मुंबई और दिल्ली की तरह गोरखपुर में भी पिछले डेढ़ दशक के भीतर स्मैक का धंधा तेजी से फैला है। तमाम युवा इसकी गिरफ्त में आ चुके हैं तो कई का इलाज चल रहा है। शहर के पुराना गोरखपुर, राजघाट, तुर्कमानपुर, बक्शीपुर, इलाहीबाग, इस्माइलपुर, नखास, हुमायूंपुर समेत 20 से अधिक मोहल्लों में इसका धंधा फल-फूल रहा है। समय-समय पर हुई कार्रवाई में कई स्मैक के धंधेबाज भी पकड़े जा चुके हैं बावजूद इसपर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
सदर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुलदीप मीणा ने कहा कि नारकोटिक्स रीजनल सेंटर के लिए चरगांवा में 1.6 एकड़ जमीन नारकोटिक्स ब्यूरो को आवंटित कर दी गई है। इसके साथ ही अब निर्माण का रास्ता खुल गया है। टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।