डीएम के. विजयेंद्र पांडियन।(फाइल)
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर सहित आसपास के जिलों में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए गोरखपुर में नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी) का रीजनल सेंटर खोला जाएगा। इस केंद्र के जरिए गोरखपुर समेत नेपाल बार्डर, बिहार बार्डर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर एयरपोर्ट, गोरखपुर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन सहित सभी प्रमुख जगहों की निगरानी की जाएगी। एनसीबी का एक रीजनल सेंटर बरेली में भी खुलना प्रस्तावित है।
शासन ने रीजनल सेंटर के लिए जिला प्रशासन से दो एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने को कहा था। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने इसके लिए सदर, सहजनवां और चौरीचौरा तहसील प्रशासन के साथ ही जीडीए को भी जमीन देखने के लिए कहा था। कुछ जगहों पर जमीन मिली, लेकिन सर्वाधिक मुफीद जीडीए द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र की सुझाई गई जमीन पाई गई। डीएम के मुताबिक, प्राधिकरण ने रामगढ़ ताल परियोजना क्षेत्र में खाली पड़ी दो एकड़ जमीन का प्रस्ताव दिया था, जो पसंद आ गया। जमीन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही नारकोटिक्स ब्यूरो के रीजनल सेंटर का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
जल्द खुलेगा नशा मुक्ति केंद्र
नारकोटिक्स ब्यूरो के रीजनल सेंटर के साथ ही गोरखपुर में नशा मुक्ति केंद्र का भी संचालन शुरू हो जाएगा। डीएम ने बताया कि इसके लिए पहले ही 20 लाख रुपये मिल गए हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 20 कमरों में इस केंद्र का संचालन होना है। कोविड-19 की वजह से इसका काम नहीं शुरू हो सका, मगर अब इसे प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द यह भी तय हो जाएगा कि इसका संचालन बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन करेगा या समाज कल्याण विभाग। नशे की लत से पीड़ित लोगों को यहां भर्ती कर उनका इलाज किया जाएगा।
तेजी से युवाओं को गिरफ्त में ले रहा स्मैक
मुंबई और दिल्ली की तरह गोरखपुर में भी हाल के वर्षों में स्मैक का कारोबार तेजी से फैल रहा है। पुराना गोरखपुर, तुर्कमानपुर, राजघाट, बक्शीपुर, हुमायूंपुर, नखास, इस्माइलपुर जैसे दो दर्जन से अधिक मोहल्लों के कई युवा स्मैक की गिरफ्त में आ चुके हैं। समय-समय पर कार्रवाई में कई स्मैक कारोबारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। बावजूद इसके तेजी से इसका कारोबार फैलता जा रहा है।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि प्रदेश में लखनऊ के बाद गोरखपुर में नारकोटिक्स ब्यूरो का रीजनल सेंटर खुलना तय किया गया है। रामगढ़ ताल परियोजना क्षेत्र में दो एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट खुलने के अलावा गोरखपुर एयरपोर्ट के विस्तार, नेपाल और बिहार का बार्डर होने आदि वजहों से इसकी आवश्यकता जताई जा रही थी। इसी के साथ बीआरडी मेडिकल कॉलेज में नशा मुक्ति केंद्र भी खोला जाएगा। इसके लिए 20 लाख रुपये का फंड स्वीकृत हो चुका है।