महानगर में संचालित हो रहीं इलेक्ट्रिक बसों के परिचालकों ने मंगलवार को मानदेय नहीं मिलने के विरोध में हड़ताल कर दी थी। इस दौरान परिचालकों ने परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पर आरोप लगाया था। कहा था कि उन्होंने बसों की तुलना में कई गुना परिचालकों की भर्ती कराई है। इसका खामियाजा परिचालक भुगत रहे हैं।
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इसके अलावा भी परिचालकों ने आरएम पर आरोप लगाया था कि डब्ल्यूटी लगाकर परिचालकों को बैठा दिया जा रहा है और फिर बहाली के लिए आरएम उनसे धनउगाही करते हैं। परिचालकों ने आरएम पर अन्य कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी ने कहा कि परिचालकों की भर्ती निजी फर्म करती है। इससे हम लोगों का कोई वास्ता नहीं है। परिचालकों के आरोप बेबुनियाद हैं। जब वे गलत करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।