कड़ाई से पूछताछ करने पर मां शिमला देवी ने बताया कि देवरिया के रहने वाले नौमीनाथ की पत्नी रंभा को उसने बच्चा दिया है और इस समय वह उसे लेकर देवरिया सदर अस्पताल में मौजूद है। इस पुलिस ने उस महिला से संपर्क किया तो उसने बच्चा होने की बात स्वीकार की और बताया कि सूर्यविहार निवासी शंभू ने बच्चा दिलाया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश कर लिया।
नौसड़ के बेलदारी टोला निवासी जयसिंह के घर के बगल में ही बिचौलिये की भूमिका निभाने वाले शंभू सिंह की ससुराल है। वहां पर ही वह शिमला देवी से मिला था। वह एक अनाथ आश्रम पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। वहां ही उसकी मुलाकात रंभा देवी से हुई थी। जिसके बाद उसने बच्चा दिलाने की बात कही थी।
बेहतर परवरिश के लिए दे दिया था बच्चा
बच्चे के बरामद होने के बाद ही एक अफवाह भी है बच्चे को दस हजार में उसकी मां ने बेच दिया था। हालांकि पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। चौकी इंचार्ज दीपक सिंह ने बताया कि शिमला ने गरीबी की वजह से बच्चे को दे दिया था ताकि उसकी बेहतर परवरिश हो सके। बच्चे को बेचे जाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।