बैठक में प्रोफेसर पर जिस युवती के शोषण का आरोप लगा है, उसके द्वारा भेजे गए पत्र को खोला गया। चार पन्नों के पत्र में उसने आंतरिक कमेटी पर ही घर आकर जबरन कार से ले जाने, नौकरी का प्रलोभन देने आदि का आरोप लगाया है। इसके अलावा उसने पूर्व कुलपति प्रो. राजेश सिंह पर डांटने-फटकारने के साथ जाति सूचक गाली देने का आरोप लगाया है। कमेटी ने इसके पीछे पेशबंदी करने और जांच को प्रभावित करने की मंशा मानते हुए उसे गंभीरता से नहीं लेने का निर्णय लिया।