राज्यसभा सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल।
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राज्यसभा सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि आतंकियों की पैरवी और माफिया-अपराधियों को संरक्षण देना सपा की मूल नीति है। पूर्व के सपा सरकार में निर्दोषों की जान लेने वाले आतंकवादियों को छुड़ाने के लिए कोर्ट में पैरवी करने और माफिया को माननीय बनाने के अनेक तथ्य इसकी तस्दीक करते हैं।
उन्होंने कहा कि अपने 37 वर्ष से अधिक पुलिस सेवा में उन्होंने पहली बार अपराधियों पर कठोरतम कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में देखी है। सीएम ने सुरक्षा का माहौल बनाया तो यूपी में विकास की गंगा बहने लगी है।
पूर्व डीजीपी शुक्रवार को गोरखपुर में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि 18 मई 2013 को कोर्ट ले जाते वक्त एक आतंकी की अत्यधिक गर्मी से मौत होने पर अखिलेश यादव ने उनके, पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह समेत 42 पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया था। संदेश साफ था कि तुष्टीकरण की राजनीति के लिए सपा किसी भी हद तक जा सकती।
बृजलाल ने कहा कि अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, विजय मिश्रा, डीपी यादव जैसे माफियाओं को माननीय बनाने का काम भी समाजवादी पार्टी ने ही किया। वोट की राजनीति के लिए ददुआ और ठोकिया जैसे डकैतों के परिवार को भी सपा ने ही माननीयों वाली कुर्सियां दीं। एक दौर तक एमपी, एमएलए, ब्लॉक प्रमुख, प्रधान के चुनाव में इन डकैतों की ही चलती थी लेकिन योगी सरकार में ऐसी हरकत करने की हिम्मत किसी में नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि मायावती के कमजोर होने से जाटव बिरादरी के लोग भाजपा के साथ आए हैं। कारण, सपा के लोग दलितों को प्रताड़ित और अपमानित करते रहे हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षा और सम्मान भाजपा सरकार ही दे रही।