उधर, श्रावस्ती जिले में राप्ती नदी के कैचमेंट एरिया (नदी के बहाव क्षेत्र) में बारिश होने से मंगलवार की शाम तेजी से पानी बढ़ने लगा। जिले में राप्ती बैराज का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस कारण रात आठ बजे राप्ती बैराज से कुल 68874 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
इसका असर दो दिनों में राप्ती नदी के राजघाट, बर्डघाट में नजर आने लगेगा। सिंचाई विभाग के लोगों ने बताया कि जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यदि नेपाल में लगातार बारिश होती रही तो बाढ़ के हालात पैदा हो सकते हैं।
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| नदी |
स्थान |
खतरे का निशान |
25 जुलाई सुबह आठ बजे |
24 जुलाई शाम चार बजे |
| घाघरा |
अयोध्या पुल |
92.73 |
92.090 |
91.880 |
| घाघरा |
तुर्तीपार |
64.01 |
62.870 |
63.060 |
| कुआनो |
मुखलिसपुर |
78.65 |
74.350 |
74.340 |
| राप्ती |
बांसी |
84.90 |
80.550 |
80.670 |
| राप्ती |
बर्डघाट |
74.98 |
70.000 |
70.050 |
| रोहिन |
त्रिमुहानी |
82.44 |
77.520 |
77.500 |
| गोर्रा |
पिंडरा |
70.50 |
66.200 |
66.300 |
नोट: जलस्तर मीटर में है।
सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि नेपाल में बारिश हो रही है। इससे राप्ती और रोहिन नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसका असर तत्काल नहीं है, लेकिन दो दिनों में नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। करीब दो मीटर तक राप्ती का जलस्तर चढ़ सकता है।