गोड़धोइया नाले के चौड़ीकरण के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे लोग
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गोरखपुर शहर के गोड़धोइया नाला के सुंदरीकरण की जद में पांच सौ से अधिक मकान आ रहे हैं। इस कार्य में अधिकांश मकानों का पिछला हिस्सा टूटेगा। नाला के सुंदरीकरण का काम जल निगम की ओर से शुरू करा दिया गया है। इसकी जद में आ रहे मकानों का हिस्सा तोड़ने के लिए राजस्वकर्मी चिन्हांकन कर रहे हैं। उनकी कार्रवाई से परेशान लोगों ने मंगलवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। लोगों ने मकानों को टूटने से बचाने की गुहार लगाते हुए डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम सिटी को पत्रक सौंपा।
लोगों का कहना है कि गोड़धोइया नाला का निर्माण कराया जाए, लेकिन इसकी चौड़ाई कम कर दी जाए, ताकि उनके मकान बच जाएं। सरकार की योजना भी पूरी हो जाएगी। एडीएम से गुहार लगाई कि महराजजी से कहकर हमारे भी मकान बचा लीजिए साहब। एडीएम ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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एडीएम सिटी से कहा कि नाला के चौड़ीकरण के लिए घरों को ध्वस्त करने की बात नगर निगम, जलनिगम और पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी कर रहे हैं। लेकिन किसी को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के राजस्वकर्मी मकानों पर निशान लगा रहे हैं। इससे वह लोग बेघर हो जाएंगे।
लोगों ने एडीएम से कहा कि महराजजी से कहकर योजना के प्रारूप में बदलाव कराएं, ताकि उनके मकान टूटने से बच सकें। इस दौरान बिछिया, मैत्रीपुरम, राजनगर, शक्तिनगर, घोषीपुरवा, सेमरा समेत एक दर्जन मोहल्लों के सौ से अधिक लोग मौजूद रहे।