गोरखपुर खाद कारखाने से देश भर में यूरिया की सप्लाई के लिए नकहा रेलवे क्रासिंग से डेढ़ किमी लंबी रेल लाइन (साइडिंग) बिछाई जा रही है। यह लाइन सीधे खाद कारखाने में जाएगी और यहां से मालगाड़ी पर यूरिया की लदान की जाएगी। कार्य अब अंतिम चरण में है। इसके बाद संरक्षा बिंदुओं की पड़ताल करके रेलवे हरी झंडी देगा।
गोरखपुर में यह दूसरी फैक्ट्री होगी जहां सीधे मालगाड़ी की आवाजाही होगी। इसके पहले गैलेंट सरिया परिसर तक रेल लाइन बिछाई जा चुकी है। खाद कारखाना तक रेल लाइन बिछाने का काम राइट्स कर रही है। हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) ने मालगाड़ी की दो रेक की मांग रेलवे से की है। यूरिया की रोजाना लोडिंग और ढुलाई शुरू हो जाने से जहां रेलवे की कमाई बढ़ेगी वहीं दूसरी तरफ गोरखपुर एनई रेलवे का सर्वाधिक माल लोडिंग वाला स्टेशन बन जाएगा। यूरिया लोड कर बाहर भेजने से रेलवे को अच्छी खासी कमाई होगी।
मालगाड़ी में होंगे 48 वैगन
एचयूआरएल की मांग के अनुसार मालगाड़ी की एक रेक में 48 वैगन होंगे। इसमें यूरिया लोड कर रवाना की जाएगी। पूरी रेक बीसीएन श्रेणी यानी पूरी तरह से पैक होगी। इस वेगन में यूरिया के लोड होने से बारिश, ठंड या गर्मी का कोई असर नहीं पड़ेगा। चोरी रोकने के लिए वैगन का लॉकिंग सिस्टम भी काफी एडवांस है।
तीन हजार टन यूरिया जाएगी मालगाड़ी से
खाद कारखाना की उत्पादन क्षमता 3850 मीट्रिक टन की होगी। इसमें से 3000 टन यूरिया की आपूर्ति मालगाड़ी के जरिए की जाएगी। जबकि शेष यूरिया अन्य माध्यमों से आपूर्ति होगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि नकहा रेलवे क्रासिंग से खाद कारखाना परिसर तक रेल लाइन बिछाई जा रही है। यह काम राइट्स करा रही है। लाइन बिछने के बाद मालगाड़ी सीधे कारखाना परिसर तक लोडिंग के लिए जा सकेगी।