गिरफ्तार अखिलेश्वर सिंह ने बताया कि वह अभ्यर्थियों की तलाश करता था। रेलवे ग्रुप-डी की परीक्षा में नियुक्ति के बाद प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपये में सौदा तय होता था। इसमें उसका कमीशन दो लाख रुपये होता था। मिथिलेश ने बताया कि अखिलेश्वर सिंह से परीक्षा में पास कराकर नियुक्ति की बात तय हुई थी। नियुक्ति होने के बाद पांच लाख रुपये अखिलेश्वर सिंह को देना था। रामनरेश ने बताया कि वह रंजीत कुमार का सहयोगी है। वह भी अभ्यर्थियों की तलाश करता है।
पहले भी पकड़े गए साल्वर
- 28 नवंबर 2020 कैंट इलाके के पैडलेगंज से 12 सॉल्वर पकड़े गए।
- 6 अगस्त 2019 को जंगल धूसड़ स्थित ई टेक्निकल सेंटर पर एसएससी की आनलाइन परीक्षा में दूसरे की जगह परीक्षा देते 4 सॉल्वर में पकड़े गए।