स्टेशन एयरपोर्ट जैसे दिखने लगे हैं
चेयरमैन ने कहा कि अब रेलवे स्टेशन भी एयरपोर्ट जैसे दिखने लगे हैं। बनारस के स्टेशन को देखकर लोगों की राय बदल गई है। गोरखपुर सहित देश के अन्य रेलवे स्टेशनों को बेहतर बनाया जाएगा।
सहजनवां-दोहरीघाट रेल लाइन प्राथमिकता में शामिल
एनईआर के पूर्व जीएम विनय कुमार त्रिपाठी के चेयरमैन बनने के बाद से सहजनवां-दोहरीघाट रेल लाइन परियोजना में और तेजी आने की उम्मीद है। इस रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण को केंद्र सरकार ने 20 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस रेल लाइन के लिए 535 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। जमीन अधिग्रहण के लिए रेल प्रशासन ने कुछ गांवों की सूची जिला प्रशासन को भेज दी है। सहजनवां से लेकर दोहरीघाट के बीच बनाए जाने वाले 12 स्टेशनों में एक जंक्शन, सात क्रॉसिंग स्टेशन और चार हाल्ट बनाए जाने हैं। सहजनवां, खजनी, उनवल, बासगांव, गोला बाजार, बड़हलगंज, दोहरीघाट रेलवे स्टेशन समेत चार हाल्ट शामिल हैं। यह परियोजना रेलवे विनय कुमार त्रिपाठी की प्राथमिकता में थी।
शिकायतों के निस्तारण में पूर्वोत्तर रेलवे देश भर में नंबर वन
शिकायतों की समस्याओं के समाधान मामले में पूर्वोत्तर रेलवे देशभर में नंबर एक बना हुआ है। जीएम रहते हुए विनय कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में एक वर्ष में गोरखपुर और इज्जतनगर स्थित यांत्रिक कारखाने में पुराने कोचों से लगभग ढाई सौ न्यू माडिफाइड गुड्स (एनएमजी) वैगन तैयार हुए हैं। यह वैगन भारतीय रेलवे स्तर पर आटोमोबाइल्स की ढुलाई करते हुए रेलवे का राजस्व बढ़ा रहे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे स्क्रैप निस्तारण में भी पहले स्थान पर रहा है। 75 फीसदी रेलमार्गों का विद्युतीकरण कर पूर्वोत्तर रेलवे ने नया रिकॉर्ड बनाया है।