पीडब्लूडी के सहायक अभियंता केके सिंह के समर्थन में सांसद रवि किशन के साथ पांच विधायक थे। सहायक अभियंता की शिकायत नगर विधायक ने की थी। उन्हें बांसगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान, विधायक डॉ. विमलेश पासवान का साथ मिला था। सहायक अभियंता को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया, तो कौन किस पर भारी पड़ा, इसकी चर्चा शुरू हो गई।
नगर विधायक बोले-गोरखपुरवासियों की जीत
नगर विधायक डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने सहायक अभियंता के तबादले के आदेश की कॉपी फेसबुक पर शेयर की और लिखा कि पीडब्लूडी के 17 में से एक अभियंता को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। विश्वास दिलाता हूं कि गोरखपुर का विकास नहीं रुकेगा। गोरखपुरवासियों, आप सभी को हार्दिक बधाई। यह हमारी निजी नहीं, आपकी लड़ाई थी। यह आपकी और लोकतंत्र की जीत है। ऐसा सर्व जातीय स्वत: स्फूर्त सहयोग गोरखपुर में ही संभव है।
दूसरी तरफ, नगर विधायक ने फेसबुक पोस्ट के जरिए ही शनिवार को कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेहबहादुर सिंह पर हमला भी बोला। लिखा के माननीय विधायक जी डॉक्टर हो गए हैं। इसके लिए कम से कम एमबीबीएस की डिग्री तो होनी ही चाहिए।
गोरखपुर शहर लोकसभा क्षेत्र भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि गोरखपुर का विकास तेजी से हो, इसी सोच के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। सरकार व संगठन ने जो फैसला लिया, वह दिल से स्वीकार है। हम अनुशासित कार्यकर्ता हैं। जो भी अधिकारी आएं, वह तेजी से विकास कार्य को आगे बढ़ाएं। किसी के जीत-हार का सवाल ही नहीं है।
कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक फतेहबहादुर सिंह ने कहा कि सरकार व संगठन का फैसला सर्वमान्य है। भाजपा सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश और गोरखपुर का विकास है।
सहायक अभियंता केके सिंह को मुख्यालय (लखनऊ) से संबद्ध किए जाने का ठेकेदार संघ ने विरोध किया है। आदर्श पूर्वांचल ठेकेदार संघ के अध्यक्ष शरद सिंह ने कहा कि बिना जांच-पड़ताल के इस तरह की कार्रवाई अनुचित है। इससे इंजीनियरों का मनोबल गिरेगा। इसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ेगा। ठेकेदार भी परेशान होंगे। जिस परियोजना पर सहायक अभियंता कार्य कर रहे हैं, वहां वह अकेले नहीं हैं। कई जेई व एई सहित अन्य अधिकारी हैं। इसके बावजूद एक अधिकारी को निशाना बनाया गया।